मतदान का बहिष्कार, प्रशासन से ग्रामीणों की झड़प, तहसीलदार को बंधक बनाया, मारपीट

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सतना। आज मतदान के दौरान पूरे प्रदेश में कई जगह  EVM खराब होने की शिकायतें, झड़प, तोड़फोड़ और फायरिंग की घटनाएं सामने आई। वही कई जगहों पर मतदान का बहिष्कार किया गया। इसी बीच सतना के चित्रकूट विधानसभा के रईया व बाल्हा गांव में भी जमकर बवाल मचा। यहां अधिकारियों ने वोटरों को डर धमकाकर वोट करवाने की कोशिश की। जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तहसीलदार को बन्धक बना लिया। घटना की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भेजा गया| 

बताया जा रहा है कि ग्रामीण सड़क न होने से नाराज थे और चुनाव का बहिष्कार कर रहे थे। अधिकारियों को जैसे ही इसकी सूचना मिली वैसे ही वे मौके पर पहुंचे गए। यहां के तहसीलदार ने प्रशासन का डर दिखा कर वोटिंग करवाने का प्रयास किया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया और उन्होंने तहसीलदार मनोज पांडेय को घेरकर बंदी बना लिया । इसके बाद करीब ६०० सौ ग्रामीणों ने कमरे में बंद कर तहसीलदार के झूमाझटकी और मारपीट कर दी। खबर मिलते ही सभापुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है।  मामले को नियंत्रण में रखे जाने की कोशिश की गई।

बता दे कि सतना में पांच बजे तक 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है। कई जगह पांच बजे के बाद भो लाइन में लगे मतदाताओं को टोकन जारी कर चिन्हित किया गया । प्रदेश सभी 230 सीटों पर मतदान समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के अनुसार 74 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीन सीटों- बैहर, लांजी, परसवाड़ा पर सुबह 7 बजे से 3 बजे तक वोटिंग हुई, वहीं शेष 227 सीटों के लिए आठ बजे से 5 बजे तक वोट डाले गए।