नतीजों से पहले भाजपा में बढ़ी बेचैनी, कांग्रेस को जीत का भरोसा

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जिले की तीनों सीट पर कांग्रेस अपनी जीत की दावें कर रही है। वहीं भाजपा वोट प्रतिशत ज्यादा होने से असमंजस की स्थिति में है। हालांकि 5 दिन बाद कौन किसको मात देगा इसका खुलासा ईवीएम खुलने के बाद हो जाएगा। 

नीमच।श्याम जाटव।

कांग्रेस ने पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ा है और सफलता के अपने-अपने दावे भी हैं। जिले में सबसे ज्यादा मेहनत नीमच विधानभा प्रत्याशी के समर्थन में हुई है। यहां पर अलग-अलग गुट में बंटे नेता एक जाजम पर पहली बार दिखे। कांग्रेस ने यह चुनाव किसानों के मुद्दे पर तो भाजपा ने केवल शिवराजसिंह चौहान की संबल योजना के सहारे लड़ा।

-जिले के सभी नेता साथ दिखे

जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने नीमच विधानसभा से सत्यनारायण पाटीदार को अपना प्रत्याशी बनाया। जबकि पाटीदार का कार्यक्षेत्र जावद विधानसभा रहा है और वे वहीं के ग्राम बोरदिया के निवासी है। इसके बाद भी ऐनवक्त पर उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। माना जा रहा है उनके लिए कांग्रेस के सभी नेताओं ने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झोंकी और इसी का असर मतदान के वक्त दिखाई दिया।

-पाटीदार की जीत के तारणहार 

प्रत्याशी पाटीदार के चुनाव मैनेजमेंट और गांव-गांव तक पकड़ बनाए रखने वाले पूर्व विधायक व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल की अहम भूमिका रहीं है। पटेल ने विधानसभा के प्रत्येक गांव में पाटीदार के सारथी रहे। पाटीदार क्षेत्र से खास परिचित नहीं थे जबकि पटेल पूरी विधानसभा भलीभांति परिचित है। इस वजह से प्रचार-प्र्रसार में एक साथ दिखाई दिए।

-सांसद को घेरा था जाजू ने

पूर्व विधायक डॉक्टर संपतस्वरूप जाजू अपनी उम्र को दरकिनार करते हुए प्रचार में कंधा से कंधा मिलाते हुए दिखाई दिए। डॉ. जाजू के भले ही फालोअर कम हो लेकिन उनके पिता स्वर्गीय सीताराम जाजू की छवि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जेहन में आज भी रची बसी है और इसी का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी पाटीदार को मिलेगा। डॉ. जाजू की सोशल मीडिया पर सक्रियता से कांग्रेसी इत्तफाख नहीं रखते हो लेकिन उन्होंने जिस प्रकार से सांसद सुधीर गुप्ता को रेल मामले में घेरा और उसके बाद गुप्ता को मीडिया के सामने सफाई देने के लिए नीमच आना पड़ा  था। 

युवा कांग्रेस की सक्रियता

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पाटीदार के लिए युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव तरूण बाहेती, दिग्विजयसिंह आमलीखेड़ा व पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष रमेश राजोरा की महत्वपूर्ण भागीदारी रही हैं। तीनो युवा नेताओं ने चुनाव प्रचार की आखरी 26 तारीख तक पूरा दमखम लगाया।

-कर्जमाफी बड़ा मुद्दा

कार्यवाहक ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र पाटीदार कहते है चुनाव में किसान का प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन में 2 लाख का कर्ज माफ करना बड़़ा मुद्दा रहा है और इसी आधार पर पार्टी प्रत्याशी की जीत होगी। कांग्रेस ने जनता को विकल्प भी दिया अगर वादा नहीं निभाया तो लोकसभा चुनाव में वोट मत देना। भाजपा ने मुख्यमंत्री की संबल योजना को आधार बनाकर लोगों से वोट मांगे। इस योजना से मध्यमवर्गीय वर्ग को ज्यादा लाभ नहीं है।