यहां कांग्रेस उम्मीदवारों के वजूद की लड़ाई, दांव पर लगा राजनीतिक करियर

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कांग्रेस 15 साल से वनवास भोग रही है और सत्ता में वापसी के लिए छटपटा रही हैं। वहीं जिले के तीन ऐसे प्रत्याशी है चुनाव में विजयी नहीं हुए तो राजनीतिक कॅरियर चौपट हो जाएगा। अब  सबकी नजर 11 दिसंबर को घोषित होने वाले चुनाव परिणाम पर है।

नीमच। श्याम जाटव।

जिले में कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और प्रत्याशी को जिताने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। सबकों अपनी-अपनी जीत पर भरोसा भी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है परिणाम विपरित आए तो कांग्रेस के लिए बड़ा संकट  पैदा हो जाएगा। यहां पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई हैं।

इनकी इज्जत दांव पर

जानकारी के अनुसार नीमच विधानसभा से सत्यनारायण पाटीदार, मनासा से उमरावसिंह गुर्जर व जावद राजकुमार अहीर को टिकट दिया। पाटीदार के लिए विधानसभा का पहला चुनाव है और गुर्जर के लिए दूसरा। पहला चुनाव उमराव ने नीमच से कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर 2008 में निर्दलीय लड़ा था और अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे। पहली बार 2018 में मनासा से पार्टी ने भरोसा किया। इधर, पाटीदार और गुर्जर अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। दोनों का कहना है कि भाजपा से लोग त्रस्त हो चुके है और सब बदलाव चाहते हैं।

25 हजार से जीत का भरोसा

जावद से अहीर को 2008 में पार्टी ने मैदान में उतारा लेकिन पराजय का अंतर बहुत कम रहा। 2013 में अहीर ने कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ा और करीब 56 हजार वोट पाने में कामयाब रहे। इस बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कममलनाथ की वजह से पार्टी ने अहीर पर भरोसा जताया। दिलचस्प बात यह है तीनों प्रत्याशी चुनाव हारते है तो इनका आखरी चुनाव होगा। उन्होंने कहा कांग्रेस 25 हजार से चुनाव जीत रही है और भाजपा  का सूफड़ा साफ हो जाएगा। मैने  पिछला चुनाव हारने के बाद भी लोगों के बीच सक्रियता बनाए रखी।

चौंकाने वाला फैसला आएगा

सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला जावद सीट पर माना जा रहा है। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के बेटे तीन बार से विधायक ओमप्रकाश सखलेचा का आखरी चुनाव माना जा रहा है। भाजपा के लोग ही उन्हें तीसरे नंबर पर बता रहे है। मुख्य संघर्ष कांग्रेस के बागी समंदर पटेल और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी राजकुमार अहीर के बीच है। हालांकि इसके लिए सभी को 10 दिन ओर इंतजार करना पडेगा।

बंपर वोटिंग पर भरोसा

पूर्व विधायक डॉ.संपतस्वरूप जाजू ने बताया जिले की तीनों सीट पर पार्टी की जीत होगी। भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर केवल नोटंकी और जुमलेबाजी की है। 15 साल में किसान, बेरोजगार सब परेशान है। प्रदेश व जिले मेें बंपर वोटिंग हुई है यह सरकार के खिलाफ आक्रोश है। कांग्रेस सरकार बनाएगी। जिले में 82 प्रतिशत वोट गिरे है और ये बढ़ा हुआ वोट प्रतिशत हमारे पक्ष में है।