नगर निकाय चुनाव 2021: अब किसी भी दिन हो सकती है तारीखों की घोषणा

ज्ञात हो कि से पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई थी। जिसमें पार्टियों का मत था कि प्रदेश में पहले पंचायत चुनाव करवाया जाए। उसके बाद 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के बाद नगरीय निकाय चुनाव कराया जाना सही रहेगा।

निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में नगरीय निकाय चुनाव (Urban body elections) को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। वही माना जा रहा है कि एक-दो दिन में तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा लेकिन परिस्थितियां किसी और तरफ इशारा कर रही है। दरअसल मध्य प्रदेश के बड़े नेताओं को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में स्टार प्रचारक (Star publicist) नियुक्त किया गया है। हालांकि आज से कल के बीच नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।

दरअसल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसके लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) सहित विपक्ष के नेता कमलनाथ (kamalnath) और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं को स्टार प्रचारकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। इसलिए शिवराज सरकार प्रदेश में पंचायत चुनाव (panchayat election) पहले करवा सकती है ताकि निर्देशों का पालन किया जा सके। चर्चा है कि मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव तीन-चार महीने तक टल सकते हैं।

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बता दें कि पिछले दिनों बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की गई। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग सहित बीजेपी के कई बड़े नेता बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में कैंपिंग करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान ने पीसीसी चीफ कमलनाथ के अलावा कांग्रेस के कई बड़े दिग्गजों को बंगाल चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है।

बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक चुनाव होने हैं। वही बंगाल चुनाव के खत्म होते ही मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो 18 मई तक चलेगी। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रमों के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव नहीं कराए जाएंगे। ज्ञात हो कि से पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई थी। जिसमें पार्टियों का मत था कि प्रदेश में पहले पंचायत चुनाव करवाया जाए। उसके बाद 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के बाद नगरीय निकाय चुनाव कराया जाना सही रहेगा।

अब ऐसी स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव के लिए जिला कलेक्टर को चुनावी कार्यक्रम भेज दिया गया। इसके साथ 15 मार्च तक संशोधित जानकारी भेजने की बात कही गई है। अब 15 मार्च तक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुमकिन है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव करवाए जाए।