12 साल का बच्चा बना डाटा साइंटिस्ट

आपके हमारे घर में 12-13 साल के बच्चे क्या काम करते हैं ? बमुश्किल अपनी अलमारी को सहेजना या ज़्यादा से ज़्यादा एक कप चाय बना लेना। अमूमन पढ़ाई लिखाई, मौज मस्ती, ट्यूशन कोचिंग और टीवी मोबाइल में ही उनका सारा वक्त चला जाता है। लेकिन आज हम आपको मिलवा रहे हैं एक ऐसे होनहार बच्चे से जिसे महज़ 12 साल की उम्र में एक सॉफ्टवेयर कंपनी ने डाटा साइंटिस्ट के पद पर नियुक्त किया है।

ये हैं हैदराबाद के रहने वाली सिद्धार्थ श्रीवास्तव पिल्लई जो सातवीं के छात्र हैं। इन्हें हैदराबाद की सॉफ्टवेयर कंपनी मॉन्टेनके स्मार्ट बिजनेस सॉल्यूशंस (Montaigne Smart Business Solutions) ने डाटा साइंटिस्ट की पद पर रखा है। सिद्धार्थ का कहना है कि गूगल में बहुत कम उम्र से ही काम करने वाले तन्मय बख्शी उनकी प्रेरणा है जो दुनिया को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति कितनी महत्वपूर्ण है। सिद्धार्थ का कहना है कि उन्हें इस काबिल बनाने में सबसे अधिक योगदान उनके पिता का है जिन्होने बहुत कम उम्र से ही उन्हें कोडिंग सिखाई है। अपनी इस उपलब्धि की वजह से ये बच्चा आज चर्चाओं में है बल्कि कई अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन गया है।

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