कर्मचारियों को जल्द मिलेगा तोहफा, मानदेय में 20 प्रतिशत वृद्धि संभव, प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

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Uttrakhand UPNL employees Honorarium Hike : उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। जल्द ही कर्मचारियों के मानदेय में भारी वृद्धि देखने को मिलने वाली है।खबर है कि राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 20 फीसदी मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा है। साथ ही इससे बढ़ने वाले आर्थिक भार का ब्योरा भी मांगा है।संभावना जताई जा रही है कि फरवरी में कर्मचारियों को मानदेय वृद्धि की सौगात मिल सकती है।

20 फीसदी मानदेय वृद्धि का मांगा प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार ने उपनल प्रबंधन के पूर्व के 10 प्रतिशत बढोतरी के प्रस्ताव वापस कर दिया है और अब नए सिरे से 20 फीसदी मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। उच्च स्तर पर समीक्षा के बाद उपनल को दोबारा से प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी गई है। एमडी-उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि) ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में नया प्रस्ताव बनाकर भेज दिया जाएगा, ताकी जल्द से जल्द मंजूरी मिले और कर्मचारियों को लाभ हो सके।

लंबे समय से कर्मचारी कर रहे मांग, आखिरी बार 2021 में बढ़ा था मानदेय

बता दे कि उपनल कर्मी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे है। बीते साल दिसंबर में उपनल प्रबंधन ने मानदेय बढ़ाने की सिफारिश करते हुए उत्तराखंड शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। इसमें कर्मियों की अकुशल से अधिकारी स्तर तक पांच श्रेणियों में 10 फीसद मानदेय वृद्धि से होने वाले बदलाव का ब्योरा दिया गया था, जिसे राज्य सरकार ने वापस करते हुए अब 20 फीसदी का नए से प्रस्ताव बनाकर भेजने को कह है।

इससे पहले 21 अक्टूबर 2021 को कर्मचारियों के मानदेय की दरों में बदलाव किया गया था। राज्य सरकार द्वारा 2004 से अब तक यानी 19 साल की अवधि में उपनल कर्मचारियों के मानदेय में 7 बार वृद्धि और दो बार प्रोत्साहन भत्ते में संशोधन किया गया है।

वर्तमान में मानदेय को लेकर स्थिति

  • अकुशल 15059,00
  • अर्द्धकुशल 17217.00
  • कुशल 19036.00
  • उच्च कुशल 21095.00
  • अधिकारी43070.00

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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