अगस्त में कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, 90 हजार तक बढ़ेगी सैलरी, जानें कैसे?

7वें वेतन आयोग के बाद अब 8वां वेतन आयोग भी आएगा।इस बात के खुद केन्द्र सरकार ने संकेत दिए है

central emloyees

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government employees) को अगले महीने एक साथ कई सौगातें मिल सकती है। इसमें महंगाई भत्ते के साथ फिटमेंट फैक्टर भी शामिल है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंबे समय से उठ रही केन्द्रीय कर्मचारियों की मांग को पूरा करते हुए अगस्त में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है । अगर सहमति बनती है तो इसे 1 सितंबर 2022 से लागू किया जा सकता है और इसका लाभ 52 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।हालांकि सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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दरअसल, फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है। इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही पुरानी बेसिक पे से रिवाइज्ड बेसिक पे की कैलकुलेशन की जाती है।पिछली वेतन आयोग की रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर एक महत्वपूर्ण सिफारिश है, इसी आधार पर वेतन वृद्धि तय होगी।आखिरी बार 2017 में एंट्री लेवल बेसिक पे 7000 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 18000 रूपये की गई थी और अब अगर इस पर मुहर लगी तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में 8000 की बढोतरी होगी।

दरअसल,  फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है। इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही पुरानी बेसिक पे से रिवाइज्ड बेसिक पे की कैलकुलेशन की जाती है।पिछली वेतन आयोग की रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर एक महत्वपूर्ण सिफारिश है, इसी आधार पर वेतन वृद्धि तय होगी।अपनी सिफारिशों में 7वें वेतन आयोग ने ये भी कहा था कि सरकार को सिर्फ 10 साल में एक बार नहीं बल्कि समय-समय कर्मचारियों की सैलरी रिवाइज करना चाहिए।

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वही कर्मचारियों द्वारा भी लंबे समय से फिटमेंट फैक्टर को 2.57 फीसदी से बढ़ाकर 3.68 फीसदी की मांग की जा रही है, ताकी बेसिक सैलरी में वृद्धि हो सके।आखिरी बार 2017 में एंट्री लेवल बेसिक पे 7000 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 18000 रूपये की गई थी और अब अगर इस पर मुहर लगी तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में 8000 की बढोतरी होगी यानि पे-लेवल-1 पर फिलाहल बेसिक सैलरी 18000 रुपए है,  अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है तो ये 26000 रुपए हो सकता है।

8वां वेतनमान होगा लागू?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 7वें वेतन आयोग के बाद 8वां वेतन आयोग नही आयेगा या नही?।इस बात को केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है, फिलहाल ऐसा कोई मामला विचाराधीन नहीं है, हालांकि  उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि 8वां वेतन आयोग नहीं आएगा। सुत्रों की मानें तो सरकार ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जिससे कर्मचारियों की सैलरी निजी कर्मचारियों की तरह उनकी परफॉर्मेंस (Performance linked increment) के आधार पर बढ़ाई जा सके।, इसके लिए जल्द नए प्लान लाया जा सकता है, इसका प्रस्ताव तैयार करने पर विचार विमर्श चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर ऐसा होता है तो अलग अलग लेवल के हिसाब से कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी। Aykroyd फॉर्मूला के आधार पर सभी भत्तों और वेतन की समीक्षा की जा सकती है।पे लेवल मैट्रिक्स 1 से 5 वाले केंद्रीय कर्मचारी को उनकी कम से कम सैलरी 21 हजार के बीच हो सकती है।  इसकी समीक्षा लेबर ब्यूरो द्वारा की जाती है, ऐसे में सरकार की तरफ से यह सुझाव जरूर दिया गया है कि इस मेट्रिक्स में समय-समय पर बदलाव किए जाएं और इसके लिए अगले वेतन आयोग की जरूरत न पड़े।

चुंकी दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016 के संसद में दिए अपने एक भाषण ने इस बात के संकेत दिए थे कि सरकार को वेतन आयोग से आगे कर्मचारियों की सैलरी को लेकर विचार करना चाहिए, ऐसे में सुत्रों की मानें तो मोदी सरकार अब नया वेतन आयोग लाने के बजाय फिलहाल नए फॉर्मूले और प्रमोशन पर विचार कर सकती है।7th Pay Commission के तहत नए वेतनमान में पे मैट्रिक्‍स (Pay Matrix) के आधार पर सैलरी बनती है और पे मैट्रिक्‍स को फिटमेंट फैक्‍टर (Fitment factor) से जोड़ा गया था, जिसके तहत 2.57 गुना फिटमेंट फैक्‍टर के आधार पर सैलरी बनती है। यह व्‍यवस्‍था 1 जनवरी 2016 से लागू हुई है।

कितनी होगी सैलरी में वृद्धि, ऐसे समझें

6th Pay Commission के तहत फिटमेंट फैक्टर 1.86 गुना और वेतन वृद्धि 54% के साथ न्यूनतम वेतनमान 7,000 रुपए था।7th Pay Commission के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना और वेतन वृद्धि 14.29% होने पर न्यूनतम वेतनमान 18,000 रुपए पर पहुंचा है।8th Pay Commission के तहत अब अगर फिटमेंट फैक्टर 3.68 गुना होता है तो न्यूनतम वेतनमान 26,000 हो जाएगा।उदाहरण के तौर पर, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी सैलरी 18,000 X 2.57= 46,260 रुपए का लाभ होगा।3.68 होने पर सैलरी 95,680 रुपये (26000 X 3.68 = 95,680) हो जाएगी यानि सैलरी में 49,420 रुपए लाभ मिलेगा।