पुलवामा हमले के बाद मोदी सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, इसलिए है अहम

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नई दिल्ली। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद आतंक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की अटकले लगाई जा रही है| इस हमले सारा देश आक्रोशित है और हर जगह बदले लेने की मांग उठ रही है| वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि आतंकवादियों ने बहुत बड़ी गलती की है, इसके परिणाम भुगतने होंगे| सरकार बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है| आतंकी हमले के बाद सत्तारुढ़ दल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है| जो कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शनिवार 11 बजे संसद भवन की लाइब्रेरी में होगी| मीटिंग में आंतकी हमले और उसके बाद की योजना पर चर्चा होने की संभावना है। 

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में यह पहला मौका है जब इस तरह के हमले के बाद सभी राजनीतिक दलों की मीटिग बुलाई गई है। मीटिंग में आंतक को करारा जवाब देने के लिए सहमति बनाने कि कोशिश की जाएगी। वहीं आतंकवादियों के खिलाफ देश के सभी राजनीतिक दलों को एकजुट कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक सन्देश देने की कोशिश की जायेगी| इस हमले के बाद चालीस से ज्यादा जवानों की शाहदत से सारा देश हिल गया है| वहीं केंद्र सरकार पर भी विपक्ष के निशाने पर है|  ऐसे में सरकार के लिए जरूरी है कि वह सभी दलों को विश्वास में ले ताकि उनके जरिए देश में आतंक के खिलाफ एक राय से कोई फैसला लिया जा सके| माना जा रहा है कि सरकार इस सर्वदलीय बैठक में न सिर्फ राजनीतिक दलों को हमले की पूरी जानकारी देगी बल्कि उनकी राय और ऐसे हमले के निपटने के बारे में अन्य दलों के विचारों पर भी चर्चा हो सकती है|

पठानकोट, उरी और नागरोटा हमले के बाद यह पहला मौका है जब सत्तापक्ष आतंक के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए आम सहमति की कोशिश कर रहा है। इसके पहले ऑल पार्टी मीटिंग का आयोजन सितंबर 2016 में किया गया था। उस वक्त सर्जिकल स्ट्राइक होने के बाद सभी पार्टियों की बैठक बुलाकर उनको इसकी सूचना दी गई थी। वहीं पुलवामा हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार का साथ देने की बात कही है| हमले की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने प्रेस कांफ्रेस में कहा था कि आतंकी हमले की इस मुश्किल घड़ी में हम सरकार और जवानों का समर्थन करते हैं। उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की राजनीति करने से इंकार किया है और कहै कि यह समय देश के साथ खड़े होने का है।