अग्निपथ: तो क्या कोचिंग सेंटरों में रची गई उपद्रव की साजिश? मिले महत्वपूर्ण फुटेज और मैसेज, छानबीन जारी

पटना डीएम डॉक्टर चंद्र शेखर सिंह ने कोचिंग सेंटर्स की भूमिका पर सवाल उठाए है और आंदोलन में कोचिंग संचालकों की गतिविधियों की जांच का आदेश दिया है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। युवाओं द्वारा लगातार सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक इसका विरोध कर किया जा रहा है। अबतक कई ट्रेनों, गाड़ियों और सरकारी सम्पत्तियों में आग लगाई जा चुकी है, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर इस घटना को कौन कंट्रोल कर रहा है, आखिर कहां से इस उपद्रव की साजिश रची जा रही है और आगे कौन कौन इसके निशाने पर है? लेकिन यूपी और बिहार पुलिस ने इन सवालों के जवाब ढूंढ लिए है, पुलिस को कई वीडियो, फोटो और दस्तावेज मिले है, जिनमें शक की सुई अब कोचिंग सेंटरों की तरफ जाती हुई नजर आ रही है।

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दरअसल, यूपी के अलीगढ़ में 9 कोचिंग सेंटर संचालक, इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ मैसेज करने वाले दो लोगों, 55 नामजद युवक और 400-500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जट्टारी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह द्वारा दर्ज करवाए गए इस मामले में बताया गया कि जब वे मैरिज होम मैन रोड पर वाहनों के डायवर्जन ड्यूटी में थे, तभी सूचना मिली कि टप्पल इंटरचेंज पर आक्रोशित भीड़ ने अलग-अलग रास्तों में एक्सप्रेस वे पर चढ़कर वाहनों को रोडवेज बसों में आगजनी और तोड़फोड़ करते हुए ट्रकों को हाईजेक कर लिया और कई वाहनों में आग लगा दी। क्षतिग्रस्त वाहनों, जलाए गए वाहनों व चौकी में वाहनों व राजकीय संपत्ति के नुकसान की सही जानकारी कर अलग से लिस्ट तैयार की जा रही है।

वही आगरा जोन में भी पुलिस को कुछ कोचिंग संचालकों के संलिप्त होने की सूचना मिली हैं, जिसके बाद उनसे पूछताछ की जा रही है।वही आगरा जिले के आठ कोचिंग सेंटरों को बंद कराया है।चुंकी अलीगढ़, मथुरा और आगरा में बड़ी संख्या में युवक सेना भर्ती की तैयारी करते हैं और इन जिलों में लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर हैं।जोन के छह कोचिंग सेंटर के संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है।

इसके अलावा बिहार में भी कई कोचिंग सेंटर्स पुलिस के निशाने पर आ गए है, जो अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों को अपने अपने तर्क देते नजर आ रहे है। पटना डीएम डॉक्टर चंद्र शेखर सिंह ने कोचिंग सेंटर्स की भूमिका पर सवाल उठाए है और आंदोलन में कोचिंग संचालकों की गतिविधियों की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है किदानापुर रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ के आरोप में 170 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और 46 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।इन लोगों के मोबाइल पर कुछ कोचिंग सेंटरों के वीडियो फुटेज और व्हाट्सएप मैसेज मिले। अगर कोचिंग सेंटर्स की किसी भी तरह की भूमिका सामने आई तो उनके खिलाफ उचित एक्शन लिया जायेगा।

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वही मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ अन्य प्रदेशों में जिला प्रशासन कोचिंग संचालकों पर नजर रख रही है। इधर, पीआईबी ने भी एक वीडियो जारी कर कहा है कि एक #Youtube वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में अग्निपथ के तहत होने वाली आर्मी भर्ती किसी प्राइवेट एजेंसी के द्वारा की जाएगी।यह दावा #फ़र्ज़ी है। भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।