अमरनाथ यात्रा के लिए 5,449 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना, 1.44 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन

इस दौरान किसी भी परेशानी से निपटने के लिए दोनों मार्गों पर हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध हैं। 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 2022, 30 जून को शुरू हुई और 11 अगस्त को रक्षा बंधन उत्सव के साथ श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और परिस्थितियों पर तीर्थयात्रियों की दर्शन करने की लालसा और उनकी भक्ति भारी पड़ रही है। तमाम चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालु एक बार फिर से बाबा के दर्शन के लिए तैयार है। जम्मू से गुरुवार को 5,449 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना हुआ है,जबकि 1.44 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके है।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों के अनुसार अब तक 1,44,457 तीर्थयात्रियों ने यात्रा की है, जबकि इनमें से 16,457 ने बुधवार को दर्शन किए। 5,449 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से यात्रा के लिए दो काफिले में रवाना हुआ, जिनमें से 3783 पहलगाम आधार शिविर जा रहे हैं, जबकि 1,666 बालटाल आधार शिविर जा रहे हैं।

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इस दौरान मौसम विभाग ने दोनों मार्गों पर मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए चार दिनों तक 48 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।

हालांकि, इस दौरान किसी भी परेशानी से निपटने के लिए दोनों मार्गों पर हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध हैं। 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 2022, 30 जून को शुरू हुई और 11 अगस्त को रक्षा बंधन उत्सव के साथ श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी।