जम्मू और कश्मीर के 12 जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में शनिवार को एक गांव हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इसके बाद बांदीपोरा समेत 12 जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है।

जम्मू – कश्मीर : जम्मू और कश्मीर के अधिकारियों ने शनिवार को उन 12 जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की, जहां एक दिन पहले मध्यम से भारी स्नोफॉल हुआ था। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लिए ‘उच्च खतरे’ वाले हिमस्खलन की चेतावनी और बांदीपोरा, बारामुला, डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और रियासी जिलों के लिए ‘मध्यम खतरे’ की चेतावनी जारी की है। 

अधिकारियों ने बताया कि गुरेज के जुर्नियाल गांव में शनिवार दोपहर हिमस्खलन हुआ लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लिए ‘उच्च खतरे’ वाले हिमस्खलन की चेतावनी और बांदीपोरा, बारामूला, डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और रियासी जिलों के लिए ‘मध्यम खतरे’ की चेतावनी जारी की।

हिमस्खलन की चपेट में यह जिले 

एसडीएमए अधिकारियों ने कहा ,”उच्च खतरे के स्तर के साथ अगले 24 घंटों में कुपवाड़ा जिले के 2,000 मीटर से ऊपर हिमस्खलन होने की संभावना है। मध्यम खतरे के स्तर के साथ बांदीपोरा, बारामुला, डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और रियासी में 2,000 मीटर से ऊपर अगले 24 घंटों में हिमस्खलन होने की संभावना है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगले 24 घंटों में अनंतनाग, कुलगाम और राजौरी जिलों में 2,000 मीटर से ऊपर हिमस्खलन होने की संभावना है।

लोगों को एहतियात बरतने और हिमस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। किश्तवाड़ के दो मजदूरों की गुरुवार को गांदरबल जिले के सोनमर्ग में एक निर्माण कंपनी के कार्य स्थल पर हिमस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई।

घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के कारण पूरे कश्मीर में रात का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से ऊपर पहुंच गया है। जबकि श्रीनगर में तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस रहा है, घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 

कश्मीर वर्तमान में ‘चिल्लई कलां’ की चपेट में है, 40 दिनों की सबसे कठोर मौसम अवधि जब बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है। यह अवधि 21 दिसंबर से शुरू होती है और 30 जनवरी को समाप्त होती है। इसके बाद भी शीत लहर जारी रहती है, जिसके बाद 20 दिनों तक ‘चिल्लई खुर्द’ (छोटी ठंड) और 10 दिनों तक ‘चिल्लई बच्चा’ (बेबी कोल्ड) चलती है।