Chhattisgarh election : सस्पेंस खत्म, भूपेश बघेल होंगे छत्तीसगढ के सीएम

bhupesh-baghel-is-chhattisgarh-chief-minister-congress-announces

रायपुर

छत्तीसगढ़ के सीएम के नाम पर पिछले कई दिनों से जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। आलाकमान ने भूपेश बघेल के नाम पर मुहर लगा दी है। बघेल अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री होंगें।  बघेल बतौर सीएम सोमवार शाम करीब 4.30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बताते चले कि बघेल को विधायक दल का भी नेता चुना गया था। 

रविवार दोपहर विधायक दल की बैठक में बघेल के नाम पर मुहर लगाई गई। रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय मुख्यालय में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, पर्यवेक्षक बनाए गए मल्लिकार्जुन खड़गे भूपेश बघेल ने नाम का औपचारिक एलान करेंगे। कांग्रेस विधायक दल ने भूपेश बघेल को सदन का नेता चुना है। इधर चर्चाओं में ताम्रध्वज साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव,चरण दास महंत के नाम भी आगे रहे। लेकिन किसी भी एक नाम को लेकर सहमति नहीं बनीं थी। यहां तक कि एक को सीएम और दो नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाने के फॉर्मूले पर भी चर्चा हुई लेकिन इन नेताओं ने इसे ठुकरा दिया था।

किसान परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले भूपेश बघेल राजनीतिक गलियारे में अपने आक्रामक तेवर के लिए जाने जाते हैं। 90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस ने 68 सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी महज 15 सीटों पर सिमट कर रह गई। इस जीत का सेहरा बघेल के सिर ही बांधा जा रहा है क्‍योंकि विधानसभा चुनाव से लेकर नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव की सारी रणनीति उन्‍होंने ही बनाई थी।

कौन है भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन तहसील मेंहुआ. कुर्मियों में अच्छा जनाधार माना जाता है।

-1985 से कांग्रेस से जुड़कर राजनीति कर रहे हैं। पहली बार 1993 में विधायक बने थे। 

दरअसल, 80 के दशक में जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा हुआ करता था, भूपेश ने राजनीति की पारी यूथ कांग्रेस के साथ शुरू की थी। दुर्ग जिले के रहने वाले भूपेश दुर्ग के यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने।

-1994-95 में भूपेश बघेल को मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया।

-1993 में जब मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए तो भूपेश कांग्रेस से दुर्ग की पाटन सीट से उम्मीदवार बने और जीत दर्ज की।

-इसके बाद अगला चुनाव भी वो पाटन से ही जीते। 

-जब मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार बनी, तो भूपेश कैबिनेट मंत्री बने।

-2000 में जब छत्तीसगढ़ अलग राज्य बन गया और पाटन छत्तीसगढ़ का हिस्सा बना, तो भूपेश छ्त्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। वहां भी वो कैबिनेट मंत्री बने।

-2003 में कांग्रेस जब सत्ता से बाहर हो गई, तो भूपेश को विपक्ष का उपनेता बनाया गया।

-2004 में जब लोकसभा के चुनाव होने थे, तो भूपेश को दुर्ग से उम्मीदवार बनाया गया। लेकिन बीजेपी के ताराचंद साहू ने उन्हें करीब 65 हजार वोटों से मात दे दी।

-2009 में कांग्रेस ने उनकी सीट बदली और राजधानी रायपुर से चुनाव लड़वाया।  इस बार उनके सामने रमेश बैश थे। रमेश बैश ने उन्हें मात दे दी। अक्टूबर 2014 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया और तब से वो इस पद पर हैं।

–सीडी कांड की वजह से भूपेश बघेल ज्‍यादा सुर्खियों में रहे हैं