पेंशनरों को सीएम का बड़ा तोहफा, पेंशन में की वृद्धि, अप्रैल से मिलेगा लाभ, खाते में बढ़कर आएगी इतनी राशि

pensioners pension

Pensioners Pension Hike 2023 : एक तरफ सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, वही दूसरी तरफ आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीएम मनोहर लाल खट्ट ने गुरूवार को पेश किए गए अपने बजट 2023-24 में बुजुर्गों और पेंशनरों की पेंशन में वृद्धि का ऐलान किया है। इसका लाभ अप्रैल से मिलेगा।

बुजुर्गों को 2750 रुपए पेंशन

  1. हरियाणा सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन में 250 रुपये की बढ़ोत्तरी की है। इसके बाद अब बुजुर्गों को 2750 रुपए पेंशन मिलेगी। इससे पहले 2500 पेंशन मिला करती थी। बढ़ी हुई पेंशन 1 अप्रैल से लागू होगी।
  2. अब एक अप्रैल 2023 से सभी लाभार्थियों को पेंशन 2750 रुपये मिलेगी। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के रियायती किराये की पात्रता के लिए आयु सीमा को 65 से से घटाकर 60 साल करने का प्रस्ताव बजट में मुख्यमंत्री ने रखने की घोषणा की है।
  3. वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ 29.71 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रति माह की दर से मिल रहा है। 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी सभी लाभार्थियों के लिए मासिक लाभ को बढ़ाकर 2750 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव बजट में किया गया।

कलाकारों को 10 हजार पेंशन

इसके अलावा ‘पंडित लख्मी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान’ योजना के तहत कलाकारों को 10,000 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इसमें गायन, वाद्ययंत्र वादक भी शामिल। इस मौके पर सीएम ने कहा कि अब आयुष्मान व चिरायु योजना का लाभ 3 लाख तक की आय वाले परिवार भी ले सकेंगे। बुढ़ापा पेंशन के लिए भी आय सीमा 3 लाख की है।

लाखों पेंशनरों को मिलेगा लाभ

बता दे कि वर्तमान में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ 29.71 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹2500 प्रति माह की दर से दिया जा रहा है। वही समाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल कल्याण और अनुचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण के लिए 12571 बजट का ऐलान किया, लेकिन पिछले सरकार ने 11687 का बजट पास किया था और पेंशन के लिए इस साल 13000 और पिछले साल 12800 के बजट का ऐलान किया था।

 


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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