Old Pension Scheme : कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, पुरानी पेंशन योजना पर बड़ी अपडेट, राज्य सरकार ने दी जानकारी, जानें लागू होगी या नहीं..

Old Pension Scheme : राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाएगा या नहीं, इसके लिए विधान परिषद में सवाल खड़े किए गए थे। जिस पर अब सरकार द्वारा सवाल का जवाब दिया गया है।

Employees Old Pension Scheme : कई राज्यों में पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया। वहीं कई राज्य में इसकी मांग भी तेज हो गई है। केंद्र सरकार के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने के मुद्दे को लेकर एक बार फिर से सरकार से बड़े सवाल किए गए हैं। जिसका जवाब दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू करने के मुद्दे पर विधान परिषद में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा हुआ। दरअसल समाज पार्टी के तरफ से इस मुद्दे को उठाते हुए पूछा गया कि क्या प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाएगा ? ऐसे में सरकार की तरफ से वित्त राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह ने साफ कहा है कि फिलहाल उत्तर प्रदेश में इसे लागू करना संभव नहीं है, ऐसे में विरोध में सपा के सदस्यों द्वारा हंगामा शुरू कर दिया गया।

सरकार ने दिया जवाब 

विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान सभा के डॉक्टर मान सिंह यादव ने वित्त मंत्री से सवाल किया कि क्या प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाएगा? जवाब में वित्त राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह ने कहा कि 1 अप्रैल 2004 को नहीं राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू की गई थी। इस योजना के तहत ही कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान किया जाता है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली सरकार के राजकोषीय स्थिति में संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारी सहित संगठित असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी और सामान्य जन को भी इससे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। 31 जनवरी तक 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारी सहित स्वायत्तशासी संस्थाओं के साढ़े 3 लाख कर्मचारियों द्वारा एनपीएस में रजिस्ट्रेशन किया गया है। वहीं इन कर्मचारियों को एनपीएस का लाभ दिया जा रहा है।

ऐसे में सरकार के सवाल पर सपा की तरफ से डॉक्टर मान सिंह ने कहा कि राजस्थान, हिमाचल, छत्तीसगढ़,  झारखंड, पंजाब राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में इसे लागू क्यों नहीं किया जा सकता है? वहीं उन्होंने नई सरकार पर नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी के पैसे को एचडीएफसी, स्टेट बैंक में पेंशन के पैसे जमा कर इसका लाभ पूंजी पतियों को दिए जाने का आरोप भी लगाया। वही शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा कहा गया कि सरकार द्वारा अपने पूर्व गलतियों को सुधारा जाना चाहिए और पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाना चाहिए। सरकार के पास इसके अधिकार शामिल है।

न्यायपालिका और विधायिका में पुरानी पेंशन योजना लागू

सपा के लाल बहादुर यादव ने कहा कि न्यायपालिका और विधायिका में पुरानी पेंशन योजना लागू है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए भी पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाना चाहिए। जिस पर वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति शासन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाना संभव नहीं है। वहीं कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जा रहा है।

बता दें कि इससे पहले आधा दर्जन राज्यों में पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया है। बंगाल में पहले से ही पुरानी पेंशन योजना लागू है जबकि झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के अलावा हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी पुरानी पेंशन योजना को लागू किया गया है। ऐसे में अन्य राज्य द्वारा भी पुरानी पेंशन योजना की मांग तेज हो गई है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा भी इसे लागू करने पर विचार किया जा रहा है।