कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, सेवानिवृत्ति आयु में 3 वर्ष की वृद्धि संभव, 62 से बढ़कर हो सकती है 65 वर्ष, प्रस्ताव तैयार, सेवा नियमावली में बदलाव की मांग

कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि देखी जा सकती है। इसे लेकर राज्य शासन द्वारा विभाग को 3 दिन में जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही प्रस्ताव तैयार किया गया था। वहीं अब इस पर विवाद खड़ा हो गया है। साथ ही सेवा नियमावली में बदलाव की मांग की गई है।

Employees Retirement Age Hike : राज्य के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। देशभर में सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाये जाने की मांग की जा रही है। वही शासन द्वारा सेवानिवृत्त उम्र बढ़ाये जाने की तैयारी की गई है। पहले 62 से बढ़ाकर इसे 65 करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही से 70 वर्ष तक किए जाने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है।

सेवा नियमावली 2020 में बदलाव की मांग

उत्तर प्रदेश के प्रांतीय चिकित्सा शिक्षा संबंधी डॉक्टर की सेवानिवृत्ति आयु 70 वर्ष किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। पीएमएस एसोसिएशन ने चिकित्सा और स्वास्थ्य महानिदेशक लिली सिंह को पत्र भेजा है। वही सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की वजह सेवा नियमावली 2020 में बदलाव की मांग कर दी है।

सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 करने के प्रस्ताव

वहीं डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 करने के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की गई है। इसके साथ ही महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य को अभ्यावेदन भेजा गया है। जिसमें कहा गया कि प्रस्ताव इस धारणा पर आधारित है कि वरिष्ठ डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति कारण शासकीय अस्पताल में चल रहे। पीजी पाठ्यक्रम में डॉक्टरों की कमी देखी जा रही है। वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाने का फैसला किया गया।बात यह है कि कभी स्तर एक और दो पर डॉक्टरों की पदोन्नति में देरी के कारण उत्पन्न हुई है। समय पर पदोन्नति से समस्या का समाधान किया जा सकता है लेकिन सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

दिसंबर 2020 में शुरू की गई नई सेवा नीति बड़ी जिम्मेदार

डॉक्टरों की इस स्थिति के लिए दिसंबर 2020 में शुरू की गई नई सेवा नीति बड़ी जिम्मेदार है। बड़े स्तर पर डॉक्टरों के 3620 पद हैं और इस स्तर पर पहले ही 5904 लोग काम कर रहे हैं। यदि एक स्तर पर उचित पदोन्नति की जाती है तो हमारे पास से 916 रिक्तियां होगी और नई नियुक्ति की जा सकेगी। ऐसे में सरकार को सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाए जाने का विचार त्याग कर डॉक्टरों को पदोन्नति दिया जाना चाहिए।

वहीं डॉक्टरों का कहना है कि सेवा नियमावली में विशेषज्ञ डॉक्टर को सीधे लेवल टू पर भर्ती किए जाने के नियम के साथ ही पदोन्नति के अवसर भी सीमित कर दिए गए हैं। उन्हें प्रमोशन मिलना कठिन हो गया है। ऐसे में रिटायरमेंट आयु को बढ़ाए जाने की बजाय नियमावली को बदला जाना चाहिए। इतनी डॉक्टरों का कहना है कि पुरानी सेवा नियमावली 2004 में पदोन्नति की अच्छी व्यवस्था थी उसे फिर से लागू किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव भेज कर विभाग से मामले में राय मांगी

डॉक्टर ने स्पष्ट कहा है कि यदि नियमावली में बदलाव किया जाता है तो डॉक्टरों की कमी पूरी हो जाएगी। इससे पूर्व चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु को बनाए जाने का फैसला किया गया था। सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 किए जाने की तैयारी की गई है। वहीं इसे 70 वर्ष तक बढ़ाए जाने की तैयारी है। जिस पर राज्य शासन द्वारा प्रस्ताव भेज कर विभाग से मामले में राय मांगी गई थी।