पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, पूर्व के आदेश में बदलाव, अब उपलब्ध होगी पुरानी पेंशन, इस तरह मिलेगा लाभ

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन (actual salary) के आधार पर पेंशन (Pension) उपलब्ध कराई जाएगी।

PENSIONERS pension

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। एमपी के कर्मचारियों-पेंशनर्स (MP Pensioners) के लिए बड़ी खबर है। दरअसल 650 पेंशन धारकों को हायर पेंशन (higher pension) बंद कर दिया गया है। जिसके बाद अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों (Retired Employees) को बड़ा झटका लगा है। वही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन (actual salary) के आधार पर पेंशन (Pension) उपलब्ध कराई जाएगी। जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सुधार में यह निर्णय लिया गया है। वहीं हायर पेंशन बंद होने के कारण अब पेंशन कर्मियों को पुरानी पेंशन (Old pension) का ही भुगतान किया जाएगा।

दरअसल EPFO द्वारा 2017 में सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद पेंशन धारकों को हायर पेंशन देने का निर्णय लिया गया था। इपीएफ योजना 1957 के पैरा 26 (2) और इपीएस 1995 के पेरा 11 (3) के मुताबिक सभी शासकीय कर्मचारियों को हायर पेंशन का लाभ शुरू किया गया है। इसके बाद ईपीएफओ ने सभी कर्मचारियों को इससे व्यवस्था में शामिल करते हुए उन्हें हायर पेंशन का लाभ दिया था। कर्मचारियों को हायर पेंशन के रूप में बढ़ी हुई पेंशन उपलब्ध कराई जा रही थी। हालांकि अब कर्मचारी निधि भविष्य संगठन द्वारा हायर पेंशन पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए पेंशनर्स को सूचना भी जारी किया गया है।

Read More : शासकीय कार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, कनिष्ठ यंत्री-शिक्षक सहित 8 निलंबित, 86 को नोटिस जारी

इतना ही नहीं हायर पेंशन बंद होने के पीछे का कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बताया गया था। जो एक संबंधित रिट पिटिशन था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पहले सभी कर्मचारियों को हायर पेंशन में शामिल किया गया था। वहीं विभाग ने बीते दिनों इस निर्णय को वापस किया गया है। जिसके बाद जून महीने में भी काफी कर्मचारियों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ नहीं दिया गया है।

वही कर्मचारियों -pensioners को पहले 1200 से 2500 की पेंशन उपलब्ध कराए जाते थे। हायर पेंशन मिलने के बाद इनमें 2000 से लेकर ₹5000 तक का इजाफा देखने को मिला था। pensioners को फिर से पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा। जो उनके वास्तविक वेतन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। EPFO के विभागीय अधिकारी का कहना है कि हायर पेंशन में कर्मचारियों को अंतर की राशि से ज्यादा पेंशन उपलब्ध कराई गई थी। जिसकी वसूली भी नहीं की जा रही है लेकिन अब उन्हें उनके वास्तविक वेतन के आधार पर ही पेंशन का लाभ दिया जाएगा और हायर पेंशन की सुविधा को बंद किया गया है।