उत्तर प्रदेश उप-चुनाव : बीजेपी ने आजम खान के गढ़ में हासिल की जीत, करीबी घनश्याम सिंह लोधी से मिली मात

रविवार सुबह शुरू हुई वोटों की गिनती में शुरुआत से ही असीम रजा ने बढ़त बना ली थी और उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी लेकिन अंतिम समय में पासा पलट गया और रजा उलटफेर का शिकार हो गए।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी ने आजम खान के गढ़ रामपुर में ही समाजवादी पार्टी को पटखनी दे दी है। एक समय पर आजम के करीबी माने जाने वाले बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने सपा के असीम रजा को 42,048 वोटों से मात देकर ऐतहासिक जीत दर्ज की है।

दरअसल, बीजेपी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि रामपुर सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है। इस उपचुनाव में आजम खान की सिफारिश पर ही असीम रजा को टिकट मिला था और असीम के नाम का ऐलान भी खुद आजम खान ने किया था।

शुरुआत में आगे थे असीम रजा

रविवार सुबह शुरू हुई वोटों की गिनती में शुरुआत से ही असीम रजा ने बढ़त बना ली थी और उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी लेकिन अंतिम समय में पासा पलट गया और रजा उलटफेर का शिकार हो गए।

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इससे पहले यह सीट आजम खान के नाम ही थी, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीत हासिल की थी। लेकिन पिछले कुछ समय जेल में बंद रहने के बाद बैल पर लौटे आजम खान जमानत पर भर आए है। हालांकि, जेल में बंद सजा काटते वक्त ही उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद आजम खान ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते रामपुर सीट खाली हो गई थी और उस पर फिर से चुनाव आयोजित कराया गया।

आजम के करीबी माने जाते है लोधी

बीजेपी के लिए ऐतहासिक जीत हासिल करने वाले घनश्याम सिंह लोधी को आजम खान के करीबियों में से माना जाता है। दरअसल, लोधी ने 2022 में ही बीजेपी जॉइन की थी। इससे पहले वह एमएलसी भी रह चुके है। घनश्याम सिंह लोधी को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का भी बेहद करीबी माना जाता रहा है।

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बता दे, लोधी ने 2004 में हुए एमएलसी चुनाव के दौरान कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी और मुलायम सिंह यादव की सपा के गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।