टाटा पावर ग्रिड पर CBI का छापा, 3 सीनियर अफसर गिरफ्तार, जाने पूरा मामला

टाटा पावर ग्रिड (Tata Power Grid) रिश्वत मामले में सीबीआई ने कारवाई करते हुए 3 सीनियर अफसर को गिरफ्तार कर लिया है, उनपर घूस लेने के आरोप लगे हैं।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। टाटा पावर ग्रिड (Tata Power Grid) रिश्वत मामले में सीबीआई ने कारवाई करते हुए 3 सीनियर अफसर को गिरफ्तार कर लिया है, उनपर घूस लेने के आरोप लगे हैं। टाटा पावर ग्रिड पर सीबीआई ने छापा मारा, इस दौरान 93 लाख रुपये बरामद किए गए। मिली जानकारी के गिरफ्तार हुए लोगों में सीनियर ऑफिसर देशराज पाठक, बी.एस झा और आर.एन सिंह शामिल है। भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले को मद्देनजर रखते हुए सीबीआई ने गुरुवार यानि 7 जुलाई 2022 को दिल्ली-एनससीआर के कई क्षेत्रों में सख्त कारवाई की।

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इस मामले में 3 सीनियर ऑफिसर के साथ 3 और लोगों की गिरफ़्तारी हुई है। इन ऑफिसर यह आरोप है की इन्होंने ने ईटानगर में एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (central bereau of investigation) को इस मामले की जानकारी मिलते ही इनके 6 ठिकानों को जमकर कारवाई हुई। इस दौरान के आवास में करीब 93 लाख रुपये कैश सीबीआई टीम ने बरामद किए हैं। सीबीआई ने इससे मामले में कुल 6 ठिकानों पर छानबीन की है, जिसमें गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद शामिल है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल सीबीआई देश के 11 ठिकानों पर कारवाई कर रही है।

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वहीं इस प्रोजेक्ट की बात करें तो मिनिस्ट्री ऑफ पावर के मुताबिक यह प्रोजेक्ट नॉर्थ-ईस्ट के बिजली क्षेत्र के विकास से जुड़ा है। यह प्रोजेक्ट 2007 के “बिजली पर पासीघाट उद्धोषणा पर आधारित है। इस योजना के तहत 6 राज्य शामिल हैं। असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक इस योजना को 2014 में विद्युत मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। और इसे वर्ल्ड बैंक निधि की मदद से और भारत सरकार विद्युत मंत्रालय के बजट के जरिए फाइनैन्स किया जा रहा है।