केंद्र ने प्याज के दाम घटाने के लिए उठाया कदम, स्टॉक लिमिट की तय

नई दिल्ली। देश में प्याज की कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक और कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्याज की स्टॉक लिमिट को तत्काल प्रभाव से संशोधित किया है। थोक विक्रेता अब 25 टन से ज्यादा प्याज नहीं रख पाएंगे। वहीं खुदरा विक्रेता केवल 5 मीट्रिक टन प्याज रख सकते हैं। आयातकों को आयातित प्याज के लिए इन स्टॉक लिमिट से छूट दी गई है।

देशभर में प्याज की आसमान छूती कीमतों को लेकर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सचिवों की समिति के बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान प्याज उत्पादन करने वाले 11 प्रमुख राज्यों के मुख्य सचिवों ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट सचिव को प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए राज्यों द्वारा किए जा रहे उपायों की जानकारी दी।

फिलहाल अलवर से आ रहा प्याज

कई राज्यों में प्याज 120 रुपये किलो तक मिल रहा है। दिल्ली समेत कई राज्यों में प्याज की आवक काफी घट गई है। राजनैतिक पार्टियां भी इसे लेकर काफी परेशान हैं। जानकारों का कहना है कि पुराना स्टॉक लगभग खत्म होने को है और 15 जनवरी के बाद गुजरात और नासिक से प्याज की नई फसल आने के बाद ही प्याज की कीमतों से राहत मिल सकती है। दिल्ली में फिलहाल अलवर से प्याज की आवक हो रही है।

तुर्की से 11 हजार टन प्याज का आयात

सरकार ने तुर्की से 11 हजार मीट्रिक टन प्याज का आयात का फैसला किया है। अपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एमएमटीसी ने 11 हजार एमटी प्याज के आयात का ऑर्डर दे दिया है। तुर्की से आनेवाला प्याज भी लोगों को जल्द राहत नहीं देने वाला क्योंकि यह दिसंबर अंत या जनवरी की शुरुआत तक भारत पहुंच पाएगा। सरकार ने मिस्र भी 6090 एमटी प्याज मंगाया है, जो दिसंबर के मध्य तक भारत पहुंचेगा, जिससे कीमतों में थोड़ी राहत की उम्मीद की जा रही है।

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