बिहार के बाद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। SIR को लेकर जहां एक ओर चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता की बात कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस समेत कई पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। बंगाल में TMC ने SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को एक पत्र लिखा है उन्होंने पत्र में SIR को तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह SIR अभियान प्रक्रिया चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
SIR के हालात बहुत ही खतरनाक- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार को लिखा कि मैं आपको लिखने के लिए मजबूर हूँ क्योंकि चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के हालात बहुत ही खतरनाक स्टेज पर पहुँच गए हैं। जिस तरह से यह काम अधिकारियों और नागरिकों पर थोपा जा रहा है, वह न सिर्फ़ बिना प्लान के और अस्त-व्यस्त है बल्कि खतरनाक भी है।
बेसिक तैयारी, सही प्लानिंग या साफ़ कम्युनिकेशन की कमी ने पहले दिन से ही इस प्रक्रिया को कमज़ोर कर दिया है। प्रशिक्षण में बड़ी कमियाँ, ज़रूरी दस्तवेाजों पर साफ़ जानकारी न होना और वोटरों से उनके रोज़गार के कामों के बीच मिलना लगभग नामुमकिन होने की वजह से यह काम स्ट्रक्चर के हिसाब से ठीक नहीं है। मैं आपसे अनुरोध करूँगी कि आप इस काम को रोकने के लिए मज़बूती से दखल दें, ज़बरदस्ती के तरीके बंद करें, सही ट्रेनिंग और समर्थन दें और मौजूदा तरीके और टाइमलाइन का अच्छी तरह से फिर से आकलन करें।
अगर इस रास्ते को बिना देर किए ठीक नहीं किया गया, तो सिस्टम, अधिकारियों और नागरिकों के लिए इसके नतीजे ऐसे होंगे जिन्हें बदला नहीं जा सकता। यह दखल न सिर्फ़ ज़रूरी है बल्कि चुनावी प्रक्रिया और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की ईमानदारी को बचाने के लिए बहुत ज़रूरी भी है।
क्यों आवश्यक है SIR?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची का पुनरीक्षण हर चुनाव से पहले या आवश्यकता पड़ने पर किया जाना चाहिए। लेकिन पिछले दो दशकों में समाजिक-जनसांख्यिकीय बदलावों, बार-बार के पलायन, मृत मतदाताओं के नाम न हटने और विदेशी नागरिकों के गलत शामिल होने जैसी समस्याओं के कारण मतदाता सूचियों की शुद्धता पर सवाल उठे हैं। इसलिए यह विशेष पुनरीक्षण अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
इन राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी
निर्वाचन आयोग ने 27 अक्टूबर को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर शुरू करने की घोषणा की थी। जिसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को शामिल किया गया है। इन सभी राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है। मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।





