कांग्रेस नेता ने तलवार से किया अपने बहू-बेटे पर हमला, मचा हड़कंप

नई दिल्ली।
एक तरफ एमपी में कांग्रेस की सरकार पर संकट गहराया हुआ है वही दूसरी तरफ गुड़गांव में एक कांग्रेस नेता द्वारा तलवार से अपने पुत्र और पुत्रवधु पर तलवार से हमला कर दिया । बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद में दोनों को लहूलुहान करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, वहीं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना गुड़गांव इलाके के रिठौज गांव की है।यहां गुरुग्राम में अपनी बहन की भात समारोह में जाने से गुस्साए कांग्रेस प्रदेश सचिव ओमबीर ने सोमवार सुबह अपने बेटे (24) राहुल व बहू मोनिका (21) पर तलवार से हमला कर दिया। दोनों को गंभीर अवस्था में बादशाहपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।वारदात के वक्त ओमबीर की पत्नी बाला भी मौके पर मौजूद थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। डॉक्टरों का कहना है उनकी हालत बहुत गंभीर है। हमले के बाद आरोपी घटना स्थल से फरार हो गया है। पुलिस इस पूरी घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव ओमबीर और उनकी बहन के बीच मनमुटाव चलता था। जिसके कारण दोनों भाई-बहन की आपस में कभी नहीं बनती थी। इसी के चलते ओमबीर अपने बेटे बहू को भी अपने बहन से रिश्ता रखने के लिए मना करता था। लेकिन बहू बेटे ओमबीर की बात ना मानते हुए भी अपनी बुआ से रिश्ता रखे हुए थे। सोमवार (16 मार्च) को कांग्रेस महासचिव की बहन ने अपने घर में भात समारोह का आयोजन किया था जिसमें उनका बेटा राहुल और उनकी बहू मोनिका शामिल हुए थे। जो कांग्रेस महासचिव ओमबीर और उनकी पत्नी बाला को पसंद नहीं आया था। कहा जा रहा है कि राहुल और मोनिका की कुछ ही समय पहले विवाह हुआ था। उसके बाद ओमबीर ने मोनिका के परिवार वालों को दहेज के लिए पीड़ित करने लगे। जिसका मोनिका के पति राहुल ने विरोध भी किया था। इससे ओमबीर को और अधिक गुस्सा आ गया था। लेकिन भात समारोह में शामिल होने के बाद मोनिका और उसका पति बासौड़ा पूजा के लिए गांव से बाहर चले गए थे। जब वह दोनों पूजा से लौटे तो उनके पिता ओमवीर और उनकी पत्नी बाला दरवाजे पर ही खड़े थे, बेटे बहू को देखकर ओमबीर का गुस्सा और अत्यधिक बढ़ गया जिसके चलते उन्होंने अपने बहू बेटे पर तलवार से हमला कर दिया और घटनास्थल से फरार हो गया हैं जब पड़ोसियों ने शोर सुना तो वह बाहर आए और घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। उसके बाद पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।