कोरोना संकटकाल में कर्मचारियों को मोदी सरकार की बड़ी राहत

GOVERNMENT EMPLOYEE

नई दिल्ली। कोरोना वायरस विश्व के लिए घातक बन चुका है, इसके चलते केंद्र सरकार ने जनता की सुरक्षा को देखते हुए पुरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया है। इसी के साथ अब केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कोरोना पीड़ितों के लिए 151 करोड़ राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराने के बाद एक और बड़ी राहत देने का फैसला किया है जिसमें केंद्र में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को रेलवे अस्पताल में इलाज कराने की मंजूरी दे दी है।

रेल मंत्रालय ने अपने सभी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि लॉक डाउन के समय देश का कोई भी केंद्रीय कर्मचारी और उनका परिवार रेलवे अस्पताल एवं रेलवे के हेल्थ यूनियन में अपना इलाज करा सकता है इसके लिए उन्हें अपने विभाग का आइडेंटी कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। इसी के साथ रेलवे के बड़े अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों का इलाज भी किया जाएगा। ये सुविधा केवल कोरोना संकटकाल के लिये है, इसके बाद फिर यहां केवल रेलवे कर्मचारियों का इलाज होगा।

बता दें कि रेलवे अस्पताल में सिर्फ रेलवे कर्मचारी की इलाज की सुविधा उपलब्ध होती है लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए रेल मंत्रालय ने केंद्र कर्मचारियों को भी इलाज की सुविधा प्रदान कर दी है। रेलवे के देशभर में अपने 129 अस्पताल और 586 डिस्पेंसरी मौजूद है। इसके अलावा रेलवे ने अपने सभी अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिए अलग व्यवस्था की है और साथ ही ट्रेनों मे आइसोलेट वार्ड भी बना दिया है जिससे लोगों की कोरोना से सुरक्षा की जा सके।

कोरोना संकटकाल में कर्मचारियों को मोदी सरकार की बड़ी राहत कोरोना संकटकाल में कर्मचारियों को मोदी सरकार की बड़ी राहत