देश का सर्वोच्च ‘शिल्प गुरु’ सम्मान मोहम्मद युसूफ खत्री को, उप राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Shilp Guru Samman : उप राष्ट्रपति श्री जगदीश धनखड़ ने आज दिल्ली में आयोजित समारोह में भारत के सर्वोच्च “शिल्प गुरू” सम्मान मो. युसूफ खत्री प्रदान किया। मध्यप्रदेश के शिल्पकार युसूफ खत्री को हस्तशिल्प कला में बाग प्रिंट हाथ ठप्पा छपाई कला के लिए सम्मानित किया गया है। समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री पियूष गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर देश के 30 अन्य शिल्पकारों को भी सम्मानित किया गया। इनमें दस शिल्प गुरू वर्ष 2017 के, दस 2018 के तथा वर्ष 2019 के दस शामिल हैं। साथ ही शिल्पकारों को राष्ट्रीय हस्तकला पुरस्कार से भी नवाजा गया। दिल्ली में वर्ष 2017, 2018, 2019 के लिए भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस मौके पर उप राष्ट्रपति श्री जगदीश धनखड़ ने कहा कि देश के शिल्प गुरूओं का चयन कर सम्मानित किया गया है । उन्होंने कहा कि यह शिल्प गुरू देश में राजदूत की भूमिका निभा रहे हैं । उन्होने शिल्पकार युसूफ खत्री द्वारा बनाई गई बाग प्रिंट दरी को देख उसकी प्रशंसा भी की।

मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग के एकमात्र शिल्पी मोहम्मद युसूफ खत्री को यह गौरव हासिल  हुआ है। शिल्पियों का यह अलंकरण उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के द्वारा दिया गया। उन्हें ताम्रपत्र, प्रमाण पत्र, शॉल और गोल्ड मेडल के साथ ही 2 लाख रूपये का नगद पुरस्कार दिया गया। भारत में हस्तशिल्प के क्षेत्र में ‘‘शिल्प गुरू‘‘ सर्वोच्च सम्मान है। मोहम्मद युसूफ खत्री को शिल्प गुरू पुरस्कार बाग प्रिंट ठप्पा छपाई में नायाब दरी, डबल बेड चादर एवं सिल्क साड़ी प्रस्तुति की थी। इन प्रोडक्ट में प्राकृतिक रंगो का समावेश के साथ ताजमहल और लाल किले के डिजाइन का इस्तेमाल किये गया था।

इस मौके पर युसूफ खत्री ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार एवं उन सभी कारीगरों को दिया जो प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से बाग प्रिंटर्स के लिए कार्य कर रहे है । इससे पहले भी उन्हें साल 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा दो राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। मोहम्मद युसूफ खत्री भारत वर्ष के एकमात्र ऐसे कारीगर है, जिन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव प्राप्त है। साथ ही इन्हें अंतराष्ट्रीय यूनेस्को से सात पुरस्कार प्राप्त हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उन्हें 8 मार्च 2000 को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया एवं समय-समय पर म0प्र0 सरकार द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किये जाते रहे हैं।

मोहम्मद युसूफ खत्री के निरन्तर शोध कार्य करने से भारतीय एवं विदेशी बाजारों में परम्परागत बाग प्रिंट हाथ ठप्पा छपाई से निर्मित वस्त्रों की मांग बढ़ी है। क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासी, हरिजन, पिछड़ा वर्ग एवं निर्धन युवाओ, युवतियों एवं महिलाओ को निरंतर प्रशिक्षित किया जा रहा है। मोहम्मद युसूफ खत्री ने इस कला को लुप्त होने से बचाया है और इस कारण क्षेत्र में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सेकड़ों लोगो को रोजगार भी मिल रहा है। वर्तमान में उनका शोध कार्य निरन्तर जारी है। मोहम्मद युसूफ खत्री ने आधुनिक आवश्यकताओं के ध्यान में रखते हुए आकर्षक ढंग से विभिन्न प्रकार के प्रयोग  इस प्रकार किये ताकि इस पारम्परिक बाग हाथ ठप्पा छपाई कला का लम्बे समय तक संरक्षण हो सके तथा बाग हाथ ठप्पा छपाई कला की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय एवं महत्वपूर्ण स्थिति बनी रहे।

मध्यप्रदेश के लिए एक और गौरव की बात यह है कि धार जिले के बाग कस्बे के युवा मास्टर शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को केंद्रीय वस्त्र मंत्री पियूष गोयल के द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही ताम्रपत्र, प्रमाण पत्र, शॉल और एक लाख रूपये का पुरस्कार भी दिया गया। इस मौके पर वर्ष 2017, 2018 तथा 2019 के कुल 68 शिल्पियों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पहले भी मोहम्मद बिलाल खत्री को वर्ष-2011 के राष्ट्रीय मेरिट पुरस्कार और वर्ष 2010 के राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं वर्ष 2016 मे वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउन्सिल यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2018 मिलान ईटली, वर्ष 2017 मे गोयांग चीन, वर्ष 2017 मे इसफहान इरान, वर्ष 2014 में मास्को, सेन्ट पीटर्सबर्ग, कालुगा रूस, दोंगयोंग चीन एवं वर्ष 2012 में बेहरीन सहित विश्व के कई कोनो में बाग प्रिंट कला का प्रचम लहरा चुके हैं।

मोहम्मद युसूफ खत्री और उनके बेटे मोहम्मद बिलाल खत्री ने बाग प्रिन्ट को दुनिया मे पहचान दिलाई है। मोहम्मद युसूफ खत्री से प्रशिक्षण प्राप्त कर उनकी पत्नी एवं बेटों को भी अंतराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनमें पत्ना हज्जानी हसीना खत्री को सन् 2014 में राज्य स्तरीय पुरस्कार, पुत्र सर्वश्री मोहम्मद बिलाल खत्री को सन् 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार और अंतराष्ट्रीय पुरस्कार, पुत्र मोहम्मद काजीम खत्री को सन् 2020 में राज्य स्तरीय पुरस्कार और अंतराष्ट्रीय पुरस्कार, पुत्र अब्दुल करीम खत्री को सन् 2021 में राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।