राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने लॉन्च की गाय के गोबर से बनी चिप, कहा- इससे होगा मोबाइल रेडिएशन कम

"कामधेनु दीपावली अभियान" (Kamadhenu Deepavali Campaign) द्वारा राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamadhenu Commission) इस दीवाली (diwali) गाय के गोबर (cow dung) से बने उत्पादों (products) को बढ़ावा दे रही है।

cow dung chip launched to reduce mobile radiation

नई दिल्ली,डेस्क रिपोर्ट। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamadhenu Commission) इस त्योहारी मौसम में लोगों के लिए एक नई सौगात लेकर आई है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamadhenu Commission)  द्वारा “कामधेनु दीपावली अभियान” (Kamadhenu Deepavali Campaign) चलाया जा रहा है जिसके तहत इस दिवाली के त्योहार (Festival of diwali) में गाय के गोबर (Cow dung) से बने उत्पादों (products) को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दीपावली त्योहार के मौके पर गाय के गोबर से बने दीपक, मोमबत्तियां, शुभ-लाभ, वॉल-पीस , भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्तियों को बनाने के लिए कार्य बहुत पहले ही आरंभ किया जा चुका है।

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वहीं राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा इसी अभियान के तहत  गाय के गोबर से बनी चिप लॉन्च (Cow dung chip launched) की गई है। आयोग का दावा है कि गाय के गोबर से बनी इस चिप के जरिए मोबाइल हैंडसेट्स (Mobile radiation) से निकलने वाला रेडिएशन कम हो जाता है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभ भाई कथीरिया (National Kamadhenu Commission Chairman Vallabhbhai Kathiria) ने प्रेस वार्ता के जरिए इस चिप के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अगर इस चिप को मोबाइल के साथ रखा जाए तो उसका रेडिएशन (Mobile radiation)  कम हो जाता है।

 

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आगे उन्होंने कहा कि गोमय गणेश अभियान (Gomay Ganesh Abhiyan) के सफल होने के बाद आयोग ने गोमय दीपक (goomay deepak) को लोगों के बीच लाने का फैसल किया। उन्होंने आगे कहा कि इस “कामधेनु दीपावली अभियान” के तहत आयोग दिवाली के मौके पर गोबर और पंचगव्य के बहुआयामी आयोग को प्रोत्साहित करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोबर से बनने वाले दीये, मूर्तियां, हवन सामग्री, धूप, अगरबत्तियां, शुभ- लाभ आदि बनाने के काम शुरु किया जा चुका है।

products made up of cow dung

आगे वल्लभ भाई कथीरिया बताते है कि ये प्रयास गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से लोग चाइना दीया को यूज ना करते हुए उनका बहिष्कार सुनिश्चित करेंगे और इस अभियान को सफल बनाएंगे। बता दें कि 11 करोड़ परिवारों के जरिए आयोग ने गोबर से बने 33 करोड़ दीप जलाने का लक्ष्य रखा है।

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