क्राइम ब्रांच की टीम ने सेक्सटॉर्शन गिरोह के दो सदस्यों को किया गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे लोगों को अपनी ठगी का शिकार

दिल्ली क्राइम ब्रांच की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हाल ही में सेक्सटॉर्शन गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों मास्टरमाइंड राजस्थान के मेवात में छुपे बैठे हैं। पढ़ें विस्तार से

This photo taken on November 8, 2019 shows a worker checking for illegal content at an office of the Korea Communications Standards Commission (KCSC) in Seoul tasked with hunting down and removing internet sex videos posted without consent. - The digital sex crime monitoring team was set up this autumn by South Korea's broadcast regulator, the Korea Communications Standards Commission (KCSC), and operates 24 hours a day. The 16-member taskforce is on the front line of South Korea's battle against the spread of so-called "molka", or spycam videos, largely shot by men secretly filming women in schools, toilets and elsewhere. (Photo by Ed JONES / AFP) / TO GO WITH SKorea-women-rights-crime-internet-pornography, FOCUS by Kang Jin-kyu

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट | दिल्ली क्राइम ब्रांच की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हाल ही में सेक्सटॉर्शन गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों मास्टरमाइंड राजस्थान के मेवात में छुपे बैठे हैं। जिसके बाद टीम ने अभियान चलाकर राजस्थान के मेवात से दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद उनसे पूछताछ जारी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य पड़ोसी राज्यों के करीब 200 से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं, तो आइए जानते हैं कि कैसे यह गिरोह लोगों को साइबर क्राइम का शिकार बनाता है।

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दरअसल, यह साइबर अपराध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती है। इस गिरोह के लोग सबसे पहले फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और उसमें लड़कियों की तस्वीर लगाते हैं। जिसके बाद वह लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना शुरू करते हैं और ऐसे ही बातचीत के दौरान वह लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं। बातचीत के दौरान वो उनका व्हाट्सएप नंबर मांगते हैं। व्हाट्सएप पर वह अश्लील चैट करते हैं। केवल इतना ही नहीं अश्लील चैट के दौरान गिरोह द्वारा वीडियो कॉलिंग भी की जाती है, जिसमें लड़कियां कपड़े उतारते दिखाई पड़ती है साथ ही सामने वाले को भी कपड़े उतारने के लिए कहा जाता है और उनके ऐसा करने के बाद उनकी तस्वीरें खींच ली जाती है और स्क्रीन रिकॉर्डिंग ऐप के जरिए इस पूरी घटना को रिकॉर्ड भी कर लिया जाता है। फिर क्या गिरोह द्वारा उस शख्स को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया जाता है और उनसे लाखों रुपए की मांग की जाती है।

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वहीं, इस मामले में साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी का कहना है कि, “सेक्सटॉर्शन के रूप में पिछले एक साल से ब्लैकमेलिंग का ऑर्गनाइज्ड क्राइम चल रहा है। इसमें व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आता है। उस कॉल में दूसरी तरफ एक न्यूड लेडी होगी जो स्क्रीन रिकॉर्डर के जरिए आपके चेहरे के साथ एक वीडियो बना लेगी। बाद में वीडियो को इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर आपसे पैसे मांगे जाते हैं। दरअसल, सेक्सटॉर्शन का मतलब हुआ किसी के कंप्यूटर में सेंध लगाकर अश्लील पिक्चर या वीडियो चुराना या फिर वेबकैम से ऐसा करना। फिर इस वीडियो या तस्वीर के जरिए ब्लैकमेल करना।”

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इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि आप सोशल मीडिया पर कम से कम जानकारी साझा करें और अगर आपको किसी अजनबी का वीडियो कॉल आए तो आप उसे तुरंत नजरअंदाज कर दें। यदि आप इसका शिकार हो भी जाते हैं तो बिना किसी झिझक और डर के आप इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन या फिर साइबर क्राइम ब्रांच में करवा सकते हैं, जिससे समय रहते आपको इस समस्या का समाधान मिल सके और आपको फाइबर ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके।

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