6 दिन बाद नक्सलियों के कब्जे से रिहा हुआ सीआरपीएफ जवान, मां और पत्नी ने कही ये बात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 3 अप्रैल को नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह को आज रिहा कर दिया गया। बता दें कि जोनागुड़ा में सीआरपीएफ और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने राकेश्वर सिंह को बंधक बना लिया था और अपने साथ ले गए थे। उनकी रिहाई के बाद घरवालों ने खुशी जाहिर करते हुए सभी का आभार जताया है।

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सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह की रिहाई के बाद उनका मेडिकल चैकअप किया गया। आज का दिन उनके और पूरे परिवार के लिए दीवाली बनकर आया है। उनकी रिहाई के बाद राकेश्वक सिंह की मां और पत्नी से भी का धन्यवाद जताया है। उनकी पत्नी मीनू ने सबका आभार जताते हुए कहा कि आज का दिन मेरे जीवन में सबसे खुशी का दिन है। ये 6 दिन हम सबपर बहुत भारी थे और मेरे पति की रिहाई के लिए जिसने भी सहयोग किया, मैं उन सभी की कृतज्ञ हूं। वहीं राकेश्वर की मां कुंतीदेवी ने कहा कि मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होने मेरे बेटे को सकुशल लौटा दिया है।

बता दें कि 3 अप्रैल को बीजापुर जिले में नक्सलियों ने सुरक्षा बल पर हमला किया था। इस दौरान उन्होने राकेश्वर सिंह को बंधक बना लिया और अपने साथ ले गए थे। इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे वहीं 31 घायल हुए थे। इसके बाद मंगलवार को नक्सलियों के प्रवक्ता ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा था कि सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थों के नाम घोषित कर देगी तो वो जवान को सुरक्षित छोड़े देंगे। फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि सरकार ने नक्सलियों की मांग मानी है और उसके बाद राकेश्वर सिंह को छोड़ा गया या नक्सलियों ने बिना शर्त उन्हें छोड़ दिया है।