Diwali 2020 : दिवाली पर बन रहे हैं पूजा के यह शुभ योग, जानिये लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि रावण पर विजय पाकर लंका का दहन कर 14 वर्ष का वनवास काटकर भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे| इसी खुशी में पूरी प्रजा ने नगर में श्रीराम का दीप जलाकर स्वागत किया था| राम के भक्तों ने पूरी अयोध्या को दीयों की रोशनी से भर दिया था| तब से ही दिवाली मनाई जाती है|

धर्म-कर्म: दीपो के पर्व दीपावली (Diwali 2020) को लेकर देश भर में तैयारियां धूम धाम से चल रही हैं| दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। हिंदू धर्म (Hindu Relegion) में दिवाली का विशेष महत्व है। इस दिन मुख्य तौर पर देवी लक्ष्मी (Devi Laxmi) और भगवान गणेश (Lord Ganesh) की पूजा की जाती है| मान्यता है कि दीपावली यानी कार्तिक मास की अमावस्या पर लक्ष्मी जी की पूजा (Laxmi Puja) करने से सुख-समृद्धि आती है|

दिवाली पर विशेष मुहूर्त में पूजा की जाती है| दीपों के प्रकाश से अंधेरा ख़त्म और जीवन में खुशखाली आती है| यह खुशहाली, समृद्धि, शांति और सकारात्‍मक ऊर्जा का द्योतक है| शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और अपना आर्शीवाद प्रदान करती हैं|

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त –

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :17:30:04 से 19:25:54 तकअवधि :1 घंटे 55 मिनटप्रदोष काल :17:27:41 से 20:06:58 तकवृषभ काल :17:30:04 से 19:25:54 तक

दिवाली महानिशीथ काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :23:39:20 से 24:32:26 तकअवधि :0 घंटे 53 मिनटमहानिशीथ काल :23:39:20 से 24:32:26 तकसिंह काल :24:01:35 से 26:19:15 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त्त (लाभ, अमृत):14:20:25 से 16:07:08 तकसायंकाल मुहूर्त्त (लाभ):17:27:41 से 19:07:14 तकरात्रि मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल):20:46:47 से 25:45:26 तकउषाकाल मुहूर्त्त (लाभ):29:04:32 से 30:44:04 तक

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि रावण पर विजय पाकर लंका का दहन कर 14 वर्ष का वनवास काटकर भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे| इसी खुशी में पूरी प्रजा ने नगर में श्रीराम का दीप जलाकर स्वागत किया था| राम के भक्तों ने पूरी अयोध्या को दीयों की रोशनी से भर दिया था| तब से ही दिवाली मनाई जाती है| वहीं इस दिन मां लक्ष्मी के जन्म दिवस के तौर पर मनाया जाता है. वहीं, यह भी माना जाता है कि दीवाली की रात को ही मां लक्ष्मी में भगवान विष्णु से शादी की थी| इस दिन श्री गणेश, मां लक्ष्‍मी और मां सरस्‍वती की पूजा (Diwali Puja) का विधान है|

इस साल कार्तिक अमावस्या 14 नवंबर 2020, शनिवार को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट के बाद से लग जाएगी. दिवाली 14 नवंबर 2020, शनिवार को मनाई जाएगी| बह्मपुराण के अनुसार, अर्द्धरात्रि व्यापिनी अर्थात आधी रात तक रहने वाली अमावस्या ही श्रेष्ठ होती है|

दीवाली की तिथि और शुभ मुहूर्त
दीवाली / लक्ष्‍मी पूजन की तिथि: 14 नवंबर 2020
अमावस्‍या तिथि प्रारंभ: 14 नवंबर 2020 को दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से
अमावस्‍या तिथि समाप्‍त: 15 नवंबर 2020  को सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक
लक्ष्‍मी पूजा मुहुर्त: 14 नवंबर 2020 को शाम 05 बजकर 28 मिनट से शाम 07 बजकर 24 मिनट तक
कुल अवधि: 01 घंटे 56 मिनट

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