President Election 2022 : निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव का किया ऐलान, जानें कब होगा मतदान, 21 जुलाई को आएंगे रिजल्ट

राष्ट्रपति कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई तक

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नई दिल्ली,डेस्क रिपोर्ट। EC On President Election 2022 : निर्वाचन आयोग ने गुरुवार (9-जून-2022) को राष्ट्रपति चुनाव की तारीख की तारीखों का ऐलान कर दिया है, आयोग के मुताबिक, देश के सर्वोच्च पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना 15 जून को जारी की जाएगी। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून को निर्धारित की गई है। उम्मीदवार अपना नामांकन दो जुलाई तक वापस ले सकेंगे। वहीं, राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होगा, जिसके नतीजे तीन दिन बाद यानी 21 जुलाई को आएंगे। आयोग ने कहा कि हर प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी।

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आपको बता दें कि वर्तमान में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और अगले राष्ट्रपति का चुनाव इससे पहले ही होना है। ​वे देश के 15वें राष्ट्रपति हैं। और राष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों के निर्वाचक मंडल के सदस्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी समेत सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।

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चुनाव आयोग ने कहा कि वोट देने के लिए विशेष इंक वाला पेन मुहैया कराया जाएगा। वोटरों को एक, दो, तीन लिखकर पसंद बतानी होगी। पहली पसंद नहीं बताने पर वोट रद्द हो जाएगा। राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 12 राज्यसभा सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डालते हैं। वहीं, 543 सदस्यों वाली लोकसभा में अभी 540 सांसद हैं। तीन सीटें खाली हैं। इन पर भी चुनाव की प्रक्रिया जारी है। मतलब साफ है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की सभी खाली सीटों पर उपचुनाव हो जाएंगे। चुने गए सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे।

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अगर बात चुनाव की करें तो एनडीए की स्थिति पिछली बार की तरह ही इस बार भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन उसने आंध्र प्रदेश और ओडिशा से समर्थन मांगा है। वहीं, यूपीए की नजर राज्यसभा की 16 सीटों पर है। इन सीटों पर 10 जून को चुनाव होना है। वहीं राजग बहुमत के आंकड़े से बेहद करीब है। उसे बीजेडी के नवीन पटनायक और वायएसआरसी के जगनमोहन रेड्‌डी के समर्थन की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवीन पटनायक एवं जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात भी कर चुके हैं। हालांकि दोनों ने ही उम्मीदवार का नाम सामने आने के बाद ही समर्थन पर फैसला करने के लिए कहा है। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। रामनाथ कोविंद को 65.35% वोट मिले थे। इस बार भी एनडीए इसे दोहराने की कोशिश में है।

ऐसे होता है राष्ट्रपति चुनाव में जीत-हार का फैसला
राष्ट्रपति चुनाव में ज्यादा वोट हासिल करने से ही जीत तय नहीं होती है। उसके सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधा से ज्यादा हिस्सा हासिल करने से होता हैं। जिसमें हर वोट का मूल्य पूर्व निर्धारित होता है और इसका निर्धारण 1971 की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। निर्वाचक मंडल का कुल 4,896 सदस्यों के कुल वोट का मूल्य 10,98,903 है। अगर किसी उम्मीदवार को चुनाव जितना है तो कम से कम 50 फीसदी वोट चाहिए होंगे। मतलब उम्मीदवार को 5,49,442 वोट हासिल करने होंगे। जो सबसे पहले यह नंबर हासिल करता है, उसे राष्ट्रपति चुन लिया जाता है।