शिवसेना से हाथ धो बैठेगा ठाकरे परिवार? स्पीकर के इस फैसले से बुरी तरह फंसा उध्दव खेमा

एक और जहां उद्धव ठाकरे के हाथ से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी निकल गई है, वहीं उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। अब आशंका है कि शिवसेना भी उद्धव के हाथ से फिसल सकती है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में एकनाथ शिंदे ने अपना बहुमत साबित कर मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल कर ली है।  उधर उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। दरअसल विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर द्वारा शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में भरत गोगावाले की नियुक्ति कर दी गई है। आपको बता दें कि भरत गोगावाले शिंदे के समर्थक हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि ठाकरे परिवार के हाथ से शिवसेना निकल सकती हैं।

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जहां एक और उद्धव ठाकरे की सरकार का तख्तापलट हो चुका है, वहीं अब उनके सामने नई चुनौती आ गई है, अपने हाथ में शिवसेना की कमान बनाए रखने की। दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के पहले दिन स्पीकर का चुनाव हुआ, जिसमें भाजपा के नेता राहुल नार्वेकर को चुन लिया गया, वहीं उद्धव के साथी राजन सालवी हार गए। यही नहीं, विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान उद्धव ठाकरे के दो समर्थक विधायकों ने शिंदे के पक्ष में मतदान कर उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ा दी।

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 टीम शिंदे के पास व्हिप की पावर

महाराष्ट्र विधानसभा के नए स्पीकर राहुल नार्वेकर ने विधायक दल के नेता के पद से शिवसेना के विधायक अजय चौधरी को हटाकर एकनाथ शिंदे को बना दिया। इसके साथ ही शिवसेना मुख्य सचेतक पद से उद्धव के साथी सुनील प्रभु को हटाकर भरत गोगावाले को पद दे दिया गया, जोकि शिंदे का समर्थक है। इन सारे कारणों से अब शिंदे गुट के पास शिवसेना में व्हिप जारी करने की सारी पावर आ गई है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना भी फिसलती दिखाई दे रही है।