कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, मानदेय में वृद्धि, एरियर का भी लाभ, मार्च से खाते में आएगी इतनी रकम

झारखंड सरकार के फैसले के बाद अब एमपीडब्ल्यू कर्मियों को 26,000 रुपये की जगह 30,100 और 30,300 मानदेय मिलेगा।इसके साथ ही 5 महीने के एरियर का भी भुगतान किया जाएगा।

झारखंड के स्वास्थ्य विभाग के मल्टी पर्पस वर्कर्स (एमपीडब्ल्यू) के लिए खुशखबरी है। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने इन कर्मियों के मानदेय में भारी वृद्धि की है। नई दरें सितंबर 2024 से लागू होंगी, ऐसे में सितंबर 2024 से फरवरी 2025 तक एरियर भी मिलेगा।इससे 1500 से ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

दरअसल, बीते साल सितंबर 2024 में झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने मल्टी पर्पस वर्कस का 3200 से 4400 की वृद्धि का ऐलान किया था, जिसके बाद अब इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए है।इस फैसले के बाद अब एमपीडब्ल्यू कर्मियों को 26,000 रुपये की जगह 30,100 और 30,300 मानदेय मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि यह घोषणा होली और रमजान की खुशी दोगुनी कर देगी।

जानें किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी

पूर्वी सिंहभूम और बोकारो जिलों के एमपीडब्ल्यू को 31,300 रुपए और अन्य 20 जिलों में कार्यरत एमपीडब्ल्यू को 30,100 रुपए प्रति माह मिलेंगे।इससे पहले दिसंबर 2023 में एमपीडब्ल्यू के वेतन में 5584 रुपए की वृद्धि की थी।पहले उनका वेतन 21,316 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 26,900 रुपए किया गया था।

कर्मचरियों में खुशी की लहर

एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने राज्य सरकार के इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग हो रही थी, लेकिन अब सरकार ने इसपर निर्णय लिया है।कर्मियों ने इसके लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।बता दे कि बहुद्देश्यीय कार्यकर्ता मलेरिया उन्मूलन के लिए सैंपल लेने के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य योजनाओं में अपनी भूमिका निभाते हैं।

रसोईयों का भी मानदेय बढ़ेगा

इधर, राज्य सरकार ने रसोईया का मानदेय भी बढ़ाने का निर्णय लिया है।विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जानकारी देते हुए कहा कि रसोईया को पहले 2000 रुपये मानदेय दिया जाता था, अब इसे बढ़ाकर 3000 कर दिया गया है। पहले मिलने वाले 2000 रुपये में 600 रुपये केंद्र देता था और इसमें 1400 रुपये राज्य सरकार का योगदान रहता था। अब हेमंत सोरेन सरकार ने इसे बढ़ाकर 3000 करने का निर्णय लिया है।


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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