कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, ग्रेच्यूटी, लिव इनकैचमेंट, DA के बकाए एरियर का होगा भुगतान, 31 मार्च तक खाते में आएंगे रुपए, मिलेगा लाभ

कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल उनके बकाए वेतन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं 31 मार्च तक 3000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। उन्हें जीपीएफ, ग्रेच्युटी सहित अवकाश नकदीकरण और चिकित्सा बिल, महंगाई भत्ते के बकाया राशि का भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया है।

Employees DA Arrears Payment :  कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार द्वारा बड़ी घोषणा की गई। जिसके तहत कर्मचारियों को 31 मई तक बकाए का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी संघ द्वारा आंदोलन की धमकी दिए जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा घोषणा की गई है। वहीं 3000 करोड़ रुपए के लंबित बकाए को लेकर 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बकाया राशि का भुगतान करने का निर्णय 

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए यह घोषणा की गई है। कर्मचारियों के मुद्दे को देखते हुए गठित मंत्रियों के समूह द्वारा आश्वासन देने के बाद कर्मचारी संघ के नेताओं द्वारा मंत्री समूह से बात की गई थी। आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार सरकारी भविष्य निधि, ग्रेच्युटी सहित अवकाश नकदीकरण चिकित्सा भत्ता, महंगाई भत्ते और अन्य के संबंध में सभी बकाया राशि का भुगतान 31 मार्च तक करने का निर्णय लिया गया है।

कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि कर्मचारी सरकार का हिस्सा है और वाईएसआरसी उनकी सभी शिकायतों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।ऐसे में 31 मार्च तक 3000 करोड़ रूपए का बकाया चुकाने की तैयारी की जा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों को केवल बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है।

12वें वेतन संशोधन आयोग के गठन की मांग

इसी बीच आंध्र प्रदेश जेएसी अमरावती के प्रमुख वेंकटेश्वरलू ने कहा कि जीओएम ने बताया गया है कि वेतन संशोधन आयोग के बकाए के भुगतान पर निर्णय 16 मार्च से पहले लिया जाएगा। उनके DA पर घोषणा अप्रैल के चर्चा के बाद की जाएगी। वहीं अंशदाई पेंशन योजना को समाप्त करने पर भी जीओएम ने सूचित किया है पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की वजह एक बेहतर पेंशन योजना लाए जाने की बात कही गई।

इसके साथ ही मांग में अनुबंध कर्मचारी नियमितीकरण पर निर्णय लेने और आउटसोर्सिंग कर्मचारी से संबंधित मुद्दे को जल्द से जल्द करने का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में मंत्रियों के समूह ने जल्द से जल्द 12वें वेतन संशोधन आयोग के गठन की मांग की है।