कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, मानदेय में हुई भारी बढ़ोतरी, CM की घोषणा, खाते में आएंगे 15000 रुपए, मिलेगा लाभ

आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन को बढ़ाया गया है। अब उन्हें 11250 रूपए प्रति महीने वेतन के रूप में मिलेंगे। एसएमसी अध्यापकों की सैलरी को भी 500 रूपए से बढ़ाया गया है।

Employees Honorarium Hike : कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल उनके मानदेय में वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा बजट सत्र में इसकी घोषणा की गई है। इसके साथ ही उन्हें बढ़े हुए मानदेय का लाभ दिया जाएगा। वही उनके मानदेय बढ़कर 9500 प्रति माह किए गए हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि 

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य आशा वर्कर के मानदेय में वृद्धि की जाएगी। बजट में मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी घोषणा की गई। जिसमें कहा गया है कि पैरा वर्कर के मानदेय में वृद्धि की जाएगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को 500 रूपए से बढ़ाया गया है। वही उनके मानदेय को बढ़ाकर ₹9500 किया गया है।

आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रूपए का इजाफा

इसके साथ ही मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 6600 रुपए किया गया है। वही आंगनबाड़ी सहायिकाओं के वेतन को बढ़ाकर 5200 रूपए किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रूपए का इजाफा किया गया है। मिड डे मील वर्कर को 4000 रूपए , वाटर कैरियर शिक्षा विभाग को ₹4400, जल शक्ति विभाग मल्टीपरपज वर्कर को 4400 रूपए और पैराफिटर पंप ऑपरेटर को 6000 रूपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।

आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन को बढ़ाया गया

सिलाई अध्यापकों के मानदेय में ₹500 की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही स्कूल के जलवाहकों को प्रतिमाह 4400 रुपए वेतन के रूप में दिए जाएंगे। वही पंप ऑपरेटर को हर महीने 6000 रूपए वेतन के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। दिहाड़ी मजदूरों के दिहाड़ी में भी इजाफा किया गया। दरअसल उनके दिहाड़ी को 375 रूपए से बढ़ाया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन को बढ़ाया गया है। अब उन्हें 11250 रूपए प्रति महीने वेतन के रूप में मिलेंगे। एसएमसी अध्यापकों की सैलरी को भी 500 रूपए से बढ़ाया गया है।

वहीं मनरेगा योजना के तहत मनरेगा दिहाड़ी की मजदूरी 212 से बढ़ाकर ₹240 किया गया है। ट्राइबल एरिया में मिलने वाले दिहाड़ी अब बढ़ाकर ₹294 किए गए हैं। मजदूरों को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही मनरेगा मजदूरी में 100 करोड़ का अतिरिक्त व्यय दिखा जाएगा।

नगर परिषद उपाध्यक्ष को 7000 रूपए प्रति महीने

नगर निगम उप महापौर को ₹15000 प्रति महीने, नगर निगम काउंसलर को 7000 रूपए प्रति महीने, अध्यक्ष नगर परिषद को 8500 रूपए प्रति महीने जबकि नगर परिषद उपाध्यक्ष को 7000 रूपए प्रति महीने दिए जाएंगे। नगर परिषद के पार्षद को ₹3500 प्रति महीने जबकि प्रधान नगर पंचायत को 7000 रूपए प्रति महीने वेतन के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। उप प्रधान नगर पंचायत को 5500 रुपए प्रति माह जबकि सदस्य नगर पंचायत को 3500 रुपए प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा।