कर्मचारियों के हित में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सरकार को निर्देश, 6 दिसंबर तक लंबित DA एरियर का होगा भुगतान

Employees DA Arrears : राज्य में बकाया डीए एरियर के भुगतान का मामला लगातार गरमा रहा है। बीते दिनों कर्मचारियों द्वारा महंगाई भत्ते के बकाए के मांग के लिए धरना प्रदर्शन किया गया था। वहीं अब हाईकोर्ट ने भी बकाए के भुगतान में अनावश्यक देरी पर सरकार को फटकार लगाई है। अदालत के आदेश के तहत अब कर्मचारियों को ३ दिन के भीतर DA एरियर्स का लाभ दिया जाना है।

सरकार को उच्च न्यायालय की फटकार

पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता के बकाया भुगतान में देरी पर पश्चिम बंगाल सरकार को शुक्रवार को उच्च न्यायालय की फटकार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने WBSEDCL को कर्मचारियों के सभी लंबित बकाए का भुगतान 6 दिसंबर तक करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को वकील सौम्या मजूमदार द्वारा न्यायमूर्ति मंथा को जानकारी देते हुए कहा गया कि अदालत के आदेश के बावजूद राज्य सरकार द्वारा अभी तक कर्मचारियों को बकाए डीए का भुगतान नहीं किया गया है।

सरकार की तरफ से समीक्षा याचिका दायर

जिस पर राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता एसएन मुखोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बकाया डीए भुगतान पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की गई है। 14 दिसंबर को इसकी सुनवाई होनी है।

सभी दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि समीक्षा याचिका दायर करने का मतलब यह नहीं है कि राज्य सरकार को कर्मचारियों के बकाए का भुगतान नहीं करना है। पहले बकाया राशि का भुगतान किया जाना चाहिए।

DA कर्मचारियों का अधिकार- हाईकोर्ट 

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि DA कर्मचारियों का अधिकार है, ना की दान, कर्मचारियों के बिना कोई संस्था नहीं चल सकता। इसलिए DA भुगतान के मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है। इस को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को जल्द से जल्द कर्मचारियों के बकाया डीए एरियर का भुगतान किया जाना चाहिए।

510 करोड़ रुपए की राशि आवंटित

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई अब 14 दिसंबर की जगह 6 जनवरी को होगी। इससे पहले कर्मचारियों के एरियर का भुगतान किया जाए। जिस पर राज्य सरकार के वकील ने दलील पेश करते हुए स्पष्टीकरण दिया कि राज्य सरकार पूरी कोशिश कर रही है और इस उद्देश्य के लिए पहले ही 510 करोड़ रुपए की राशि आवंटित कर दी गई है।