कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर बड़ा अपडेट, डिप्टी CM बोले- बजट सत्र से पहले फैसला लेगी सरकार

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Old Pension Scheme 2023 : महाराष्ट्र विधानसभा चुनान से पहले राज्य में एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग तेज हो चली है। राज्य के कर्मचारी पेंशनर्स और संगठन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है, धरना दे रहे है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी कर्मचारियों को आश्वासन दे दिया है कि बजट सत्र से पहले ओपीएस पर फैसला ले लिया जाएगा। इसके लिए गठित समिति की रिपोर्ट सरकार को मिल गई है, जिस पर चर्चा कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने राज्यों को चेतावनी दी है कि वह पुरानी पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) को बाहल करने के बारे में नहीं सोंचें।

बजट सत्र से पहले लेंगे फैसला

दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा भवन परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि सीएम एकनाथ शिंदे ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों को आश्वासन दिया है और कहा कि आगामी बजट सत्र (फरवरी मार्च) से पहले इस पर फैसला ले लिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई है।आपको बता दें कि महाराष्ट्र में अगले साल यानी 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

समिति की रिपोर्ट पर करेंगे चर्चा

उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार को ओपीएस की मांग पर विचार करने के लिए गठित एक समिति की रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कर्मचारी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। वही केंद्र सरकार ने भी एक समिति बनाई है, जिसकी भी जांच करेंगे ।महायुति गठबंधन सरकार विधानसभा चुनाव से पहले सही फैसला लेगी, लेकिन कर्मचारी संगठन चाहते थे कि इस मांग पर जल्द-से-जल्द फैसला लिया जाए। मुख्यमंत्री ने उनकी चार-पांच अन्य जिज्ञासाओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। सरकार आगामी बजट सत्र से पहले इस पर 100 प्रतिशत निर्णय लेगी।

पहले भी संकेत दे चुके थे पवार

इससे पहले भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का एक बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पुरानी पेंशन योजना के खिलाफ उनका पहले का रुख बदल गया है और वह इस पर सकारात्मक रूप से पुनर्विचार करेंगे। राज्य सरकार वेतन, पेंशन राशि और राज्य के वित्त के बोझ के बीच संतुलन बनाना चाहती है। वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के साथ वह पहले ही ओपीएस के मुद्दे पर प्राथमिक चर्चा कर चुके हैं।

राज्य में 2005 से बंद है ओपीएस

गौरतलब है कि पांच राज्यों में ओपीएस लागू होने के बाद महाराष्ट्र के सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारी ओपीएस की बहाली की मांग कर रहे हैं, जिसे 2005 में राज्य में बंद कर दिया गया था।ओपीएस के तहत कर्मचारियों को उसके अंतिम आहरित वेतन के 50% के बराबर मासिक पेंशन मिलती है लेकिन नई पेंशन योजना के तहत एक राज्य सरकार का कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10% योगदान देता है और राज्य भी उतना ही योगदान देता है, फिर पैसा पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा अनुमोदित कई पेंशन फंडों में से एक में निवेश किया जाता है और रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है।


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Pooja Khodani

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