भ्रामक विज्ञापनों पर सरकार ने कसा शिकंजा, लगेगा ₹10 लाख का जुर्माना

उपभोक्ता मंत्रालय ने एजुटेक कंपनियों के खिलाफ स्कूलों पर अधिक पढ़ाई के बोझ की शिकायतों और भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के अपने निर्णयों में सख्त रुख अपना लिया है। इन कंपनियों में Byjus और Unacademy जैसी कंपनियाँ शामिल है।

देश, डेस्क रिपोर्ट। भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए सरकार ने नए गाइडलाइंस जारी हैं जिसके तहत एजुटेक कंपनियों के खिलाफ स्कूलों पर अधिक पढ़ाई का बोझ की शिकायतों को लेकर उपभोक्ता मंत्रालय ने Byjus और Unacademy जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एक मीटिंग बुलाई है। ज्ञात हो कि इसी प्रकार के भ्रामक विज्ञापनों पर रोकथाम के लिए मंत्रालय ने रेस्तरां उद्योग और परिवहन यात्रा संबंधी सेवाएं देने वाली कंपनियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी। अब फिर से भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए सरकार ने नए गाइडलाइंस जारी किये हैं. इसी पर बात करने के लिए उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने अगले हफ्ते एजुटेक कंपनियों के साथ मीटिंग बुलाई है।

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रोहित कुमार ने पुछा है कि एजुटेक कंपनियां अपने विज्ञापनों को लेकर कितनी सचेत है. वह खासकर Byjus के नए विज्ञापन ‘दो शिक्षक के लाभ’ के बारे में बात करते हुए बोले कि एजुटेक कंपनियां इसके खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है? मालूम हो कि सरकार ने शुक्रवार को भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। इसमें बच्चों को टारगेट करने वाले विज्ञापनों के साथ ही उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए मुफ्त दावे करने वाले एड शामिल हैं। जारी किए गए दिशानिर्देश में कहा गया है कि उचित सावधानी बरतने के बाद ही विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए।

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वहीं, ई-कॉमर्स कंपनियों पर दिए जा रहे नकली और फर्जी रिव्यू को रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को लेकर मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है। इंटरनेट पर अपना सामान बेचने वाले अमेजन, रिलायंस, उपभोक्ता संगठन और विधि कंपनियों के प्रतिनिधि इस समिति में शामिल होंगे।
फर्जी रिव्यू को रोकने के लिए अगले 60 दिनों के भीतर नए गाइडलाइंस जारी किये जा सकते है।