प्याज की जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, तय की स्टॉक सीमा

थोक और फुटकर व्यापारियों के लिये भंडारण सीमा घटाई

onion

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भारत सरकार ने प्याज (onion) की कीमतों में नियंत्रण लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्याज की जमाखोरी (onion hoarding) पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को खुदरा और थोक विक्रेताओं के लिए प्याज की स्टॉक सीमा घटाकर मौजूदा स्तर से 50 फीसदी कम कर दी है। प्याज व्यापारियों पर भंडारण की सीमा तय करने के बाद अब खुदरा विक्रेता को स्टॉक में मात्र 5 टन प्याज रखने की इजाजत होगी। वहीं थोक विक्रेता केवल 25 टन स्टॉक में रख सकेंगे।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (union ministry of consumer affairsm food and distribution) की ओर से जारी आदेश के तहत अब देश के सभी राज्यों में प्याज के थोक व्यापारी 25 टन से अधिक प्याज नहीं रख पाएंगे, खुदरा व्यापारियों के लिए ये सीमा 5 टन निर्धारित की गई है। बता दें कि पिछले कुछ समय में देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही थी। मंगलवार को महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। वहीं दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याजी की कीमत 80 रूपये के पार चली गई और दिल्ली-एनसीआर में खुदरा बाजार में ये 80 से 130 रूपये किलो तक बिक रहा था। ऐसे में प्याज की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है और सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्याज की मांग और आपूर्ति पर नजर रखने को कहा है। उम्मीद है सरकार के इस कदम के बाद अब प्याज की कीमतों पर लगाम लगेगी और ये किसी को महंगाई के आंसू नहीं रूलाएगा।

 

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