ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 12 जुलाई तक टली, मुस्लिम पक्ष ने रखी अपनी दलीलें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आदेश 7 नियम 11 के तहत यह मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं इसी पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। गर्मियों की छुट्टियों के बाद आज से दोबारा शुरू की गई ज्ञानवापी मामले की सुनवाई फिलहाल 12 जुलाई तक टाल दी गई है। सुनवाई के दौरान जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने पूरे 51 बिंदुओं पर अपनी दलीलें रखीं। 12 जुलाई को हिंदू पक्ष इस मामले में अपनी दलीलें रख सकता है। सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में सिर्फ 40 लोग ही उपस्थित थे। मीडिया को भी इससे बाहर रखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

बता दे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आदेश 7 नियम 11 के तहत यह मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं इसी पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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ये है पूरा मामला

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद स्थित श्रृंगार गौरी में 17 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं ने देवी-देवताओं की रक्षा व पूजा-अर्चना को लेकर याचिका दायर की थी, जिसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी के सर्वे के आदेश दिए थे। इस सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष के वकील ने दावा किया था कि ज्ञानवापी में शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था, जिसके बाद हिंदू पक्ष की तरफ से विवादित स्थल को सील करने की मांग की थी और सेशन कोर्ट ने इसे स्वीकार भी कर लिया था।

इस आदेश पर सवाल उठाते हुए मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां उच्चतम न्यायालय ने वादी पक्ष की उपयुक्तता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए प्रतिवादी पक्ष द्वारा दायर अर्जी पर जिला न्यायाधीश को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने का आदेश दिया गया।