IAS Transfer: ब्यूरोक्रेसी में बदलाव, राज्य में हुआ 3 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 2 को अतिरिक्त प्रभार मिला, देखें लिस्ट 

तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव बदले गए हैं। अधिकारियों को समवर्ती प्रभार भी मिला है। आइए जानें किसे क्या जिम्मेदारी सौंपी गई है?

IAS Transfer 2025: कर्नाटक में नौकरशाही में फेरबदल देखने को मिला है। एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा के 3 अधिकारियों का स्थानंतरण हुआ है। इनमें से दो अफसरों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नया कार्यभार संभालने का निर्देश जारी किया किया है।

तबादले और नियुक्ति को लेकर मंगलवार को आदेश जारी किया गया था। जिसके मुताबिक बैच 2016 के आईएएस अधिकारी नागराज एन.एम परियोजना निदेशक, कर्नाटक राज्य और एड्स रोकथाम सोसाइटी बेंगलुरु को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करके अगले आदेश तक प्रबंध निदेशक कर्नाटक कौशल विकास निगम बेंगलुरु के पद पर नियुक्त किया गया है। इसी के साथ डॉ रागप्रिया आर को समवर्ती प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

इन आईएएस अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी

  • बैच 2021 के आईएएस अफसर यतीश आर, वरिष्ठ सहायक आयुक्त सागर उपमंडल शिवमोग्गा जिले को निदेशक, इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी नागरिक सेवा (ईडीसीएस) डीपीएआर (ई-गवर्नेंस) बेंगलुरु के पद पर नियुक्त किया गया है। इसी के साथ उन्हें अगले आदेश तक परियोजना निदेशक एचआरएमएस 2.0 विभाग बेंगलुरु पद का समवर्ती प्रभार भी सौंपा गया है।
  • बैच 1996 के आईएएस अधिकारी वी. रश्मि महेश, प्रमुख सचिव सरकार राजस्व विभाग (आपदा प्रबंधन भूमि और यूपीयोआर) बेंगलुरु को सचिव, सरकार स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग बेंगलुरु के पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें राजस्व विभाग (आपदा प्रबंधन, भूमि और यूपीओआर) बेंगलुरु के प्रमुख सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

आईएएस अधिकारियों के तबादले का आदेश 

IAS Transfer: ब्यूरोक्रेसी में बदलाव, राज्य में हुआ 3 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 2 को अतिरिक्त प्रभार मिला, देखें लिस्ट 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News