बदायूं मे अभिनय के दौरान गई मासूम की जान, इंकलाब जिन्दाबाद करते हुए फाँसी का फंदा गले में घुटा

बरेली, डेस्क रिपोर्ट। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से दर्दनाक खबर सामने आई है। बदायूं  के कुंवरगांव मे अभिनय के दौरान एक 10 साल के मासूम की जान चली गई, मासूम क्रांतिकारी भगत सिंह का अभिनय कर रहा था , और इसी दौरान वह नाटक के अंत में  इंकलाब जिंदाबाद बोलकर फाँसी के फंदे मे सिर डालकर खड़ा हो गया, यह अभिनय पूरा होता उससे पहले ही मासूम के पैरों के नीचे रखा स्टूल अचानक खिसक गया और फंदा उसके गले मे फंस गया जिससे उसकी जान चली गई।

कुंवरगांव में रहने वाले शिवम के माता पिता भूरे और आरती खेतों में मजदूरी करते हैं। गरीब परिवार के शिवम को उसके माँ बाप ने नानी के घर रखा हुआ था,कुछ दिन पहले ही वह अपने माता पिता के पास वापस गाँव आया था, गांव के ही हमउम्र बच्चों से उसकी दोस्ती हो गई थी, और अक्सर वह इन बच्चों के साथ खेलता कूदता रहता था।

बीते गुरुवार जब शिवम के माता पिता मजदूरी पर चले गए तब घर मे अकेला शिवम अपने दोस्तों के साथ ही घर के आँगन में खेलने लगा, इसी दौरान बच्चों ने क्रांतिकारी भगत सिंह का अभिनय करने की सोची  शिवम ने भी दोस्तों की हाँ में हाँ मिलाई और खुद भगत सिंह बनकर अभिनय करने लगा इसी दौरान उसने फाँसी का फंदा बनाया और वह इंकलाब जिंदाबाद बोलकर फंदे मे सिर डालकर खड़ा हो गया लेकिन इसी बीच अचानक शिवम के पैरों के नीचे रखा स्टूल खिसका और फंदा शिवम के गले मे कस गया ,उसने दोस्तों को इशारे से बताने की कोशिश लेकिन दोस्तों ने इसे भी अभिनय समझा,देर तक जब शिवम नहीं उठा तब दोस्तों को एहसास हुआ की शिवम की जान चली गई,महज कुछ पलों में ही शिवम के प्राण निकल गए ।

शिवम और उसके दोस्तों ने नहीं सोचा था की अभिनय सच बनकर रह जाएगा , शिवम को फौरन अस्पताल भी ले जाया गया मगर तब तक उसकी जान निकल चुकी थी। शिवम के इस तरह चले जाने से उसके दोस्त और परिजन सदमें में है।