बिहार : शराबबंदी वाले बिहार में जनरेटर ने बिजली की जगह उगली शराब, हैरान कर देगा नजारा

बिहार के कैमूर जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान यह मामला सामने आया, जहां डीसीएम ट्रक के ऊपर रखे डीसी जेनरेटर की तलाशी ली गई और पुलिस ने पाया कि यह सिर्फ देखने में जेनरेटर है, अंदर से वह पूरी शराब की टंकी है। डीसीएम ट्रक के अंदर लदे जेनरेटर में भारी मात्रा में विदेशी शराब की बरामदगी हुई।

पटना, डेस्क रिपोर्ट। बिहार में शराबबंदी के बाद से तस्कर नए-नए तरीकों से प्रदेश में शराब की तस्करी कर रहे है। ताजा मामला जेनरेटर से जुड़ा हुआ है। आपने हमेशा जेनरेटर से बिजली बनती हुई देखी होगी लेकिन बिहार के कैमूर जिले में एक जेनरेटर शराब उगल रहा है।

इससे पहले भी लोगों ने खुद के शरीर को शराब टंकी बनाने से लेकर बाइक की टंकी में शराब की सप्लाई की है।

बिहार के कैमूर जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान यह मामला सामने आया, जहां डीसीएम ट्रक के ऊपर रखे डीसी जेनरेटर की तलाशी ली गई और पुलिस ने पाया कि यह सिर्फ देखने में जेनरेटर है, अंदर से वह पूरी शराब की टंकी है। डीसीएम ट्रक के अंदर लदे जेनरेटर में भारी मात्रा में विदेशी शराब की बरामदगी हुई।

फिलहाल पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। शराब को दिल्ली से बिहार के मुजफ्फरपुर ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार ड्राइवर विकास कुमार सैदपुर गांव थाना भोजपुर जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है। आरोपी ने बताया कि वह शराब को दिल्ली से डीसीएम ट्रक में लोड कर मुजफ्फरपुर ले जा रहा था और उसे एक चक्कर लगाने के 10000 रुपए मिलते है।

घरेलु उपकरण का हो रहा जोरों पर इस्तेमाल

बिहार में फिलहाल शराब तस्कर घरेलु उपकरण जैसे फ्रीज, टीवी के साथ जेनरेटर समेत घरेलू सामानों की डिलीवरी करते हैं, जिनके अंदर शराब भरी होती है। पुलिस आरोपी ड्राइवर से और जानकारी निकालने में लगी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से वाराणसी होते हुए कैमूर और उसके बाद ये लोग मुजफ्फरपुर यानी उत्तरी बिहार के कई जिलों में शराब की सप्लाई करते हैं। ड्राइवर को प्रति ट्रिप के दस हजार रुपये तक दिए जाते हैं।

इस संबंध में थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के समीप से वाहन जांच के दौरान एएलटीएफ की टीम और दुर्गावती पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीसीएम ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद की है।