MP के स्कूल मे पढ़ें शहीद को बेटे और बेटी ने ऐसे दी “अंतिम विदाई”

आगरा, डेस्क रिपोर्ट। वायुसेना के हेलीकॉप्टर MI-17 क्रैश हादसे में सीडीएस बिपिन रावत के साथ शिकार होने वाले विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान को अंतिम विदाई दी गई। विदा के ठीक पहले उनके बेटे और बेटी ने पिता की कैप को अपने माथे पर रखकर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी। पृथ्वी मध्यप्रदेश के रीवा सैनिक स्कूल मे पढे थे।

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हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान का अंतिम संस्कार आगरा के ताजगंज श्मशान घाट में किया गया। उल्लेखनीय है कि अब तक जिन चार लोगों के शवों की पहचान हो गयी है उनमे पृथ्वी सिंह भी थे। इसके पहले उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 10:30 बजे खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंचा। यहां पर केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल एयर कमांडिंग ऑफिसर सहित पैरा कमांडो व स्पेशल फोर्स के जवानों ने उन्हें सम्मान विदाई दी। फूलों से सजी उनके पार्थिव शरीर को सैन्य वाहन में एमजी रोड होते हुए दयालबाग लाया गया। समूचे सरन नगर में देशभक्ति के नारों से आसमान गूंज उठा। शहीद विंग कमांडर के परिवार से मिलने पुलवामा शहीदों की वीरांगनाऐ भी घर पहुंची। इनमें आगरा से शहीद कौशल कुमार रावत की पत्नी ममता रावत औरैया से आरजू और उन्नाव से प्रतिभा ने परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना प्रदान की। इन वीरांगनाओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस दर्द को हमने भी सहा है।

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पृथ्वी को विदाई देते समय सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाला पल वह था जब उनकी पत्नी कामिनी के साथ खड़े उनकी बेटी आराध्या और बेटे अविराज ने पिता का कैप अपने हाथों में लेकर अपने सिर पर लगा लिया। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा निकली और सड़क पर हजारों लोगों ने शहीद को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित कर नारे लगाए। पृथ्वी सिंह के बेटे और बेटी ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। विंग कमांडर पृथ्वी सिंह का मध्य प्रदेश से भी गहरा नाता है उनके पिता ग्वालियर के रहने वाले थे और काफी समय पहले आगरा आकर बस गए थे। पृथ्वी सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ाई की थी।