चौथी बार गोल्ड भारत का, एशियन खेलों में पुरुष हॉकी टीम ने जापान को हराया, कटाया ओलंपिक 2024 का टिकट

Shashank Baranwal
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Asian Games: एशियन गेम्स 2023 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में जापान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम ने जापान को फाइनल मैच में 5-1 से हराया। भारतीय हॉकी टीम ने 9 सालों बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2014 में इंचियोन में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं इस जीत के बाद भारतीय टीम ने अगले साल खेले जाने वाले पेरिस ओलंपिक का टिकट भी कटा लिया है।

दूसरे क्वार्टर में बनाई बढ़त

एशियन गेम्स 2023 में जापान के विरुद्ध फाइनल मुकाबले में भारत ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन गोल करने में कामयाब नहीं हो पाई थी। दूसरे क्वार्टर का खेल शुरु होने पर मनप्रीत सिंह ने फाइनल मैच का पहला गोल करके भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में भारत ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाया। जिसके बाद भारत के लिए हरमनप्रीत ने दूसरा गोल किया। तीसरे क्वार्टर में भारत के अमित रोहिदास ने गोल किया जिससे भारत को 3-0 की बढ़त मिल गई।

आखिरी मिनट रहा रोमांचक

आखिरी क्वार्टर का खेल शुरु होने से पहले भारतीय टीम ने जापान के खिलाफ 3-0 से बढ़त बनाई हुई थी। वहीं जब आखिरी क्वार्टर का खेल शुरु हुआ तो भारत के अभिषेक ने गोल कर भारत को 4-0 से बढ़त दिला दी। आखिरी पलों में जापान ने अपना पहला गोल दागा था। आखिरी मिनट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल कर 5-1 से बढ़त बनाया और गोल्ड अपने नाम कर लिया।

भारत की एशियन गेम्स में चौथा गोल्ड

आपको बता दें भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले भारतीय टीम ने 1966, 1998 और 2014 में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं भारतीय टीम ने 9 सिल्वर और 2 ब्रांज मेडल भी जीत चुकी है।

 


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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