IRCTC ने बनाया स्पेशल टूर, बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े स्थानों की करें यात्रा, यहां देखें पूरा शेड्यूल

Atul Saxena
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IRCTC Special Tour : आईआरसीटीसी आम तौर पर अलग अलग पर्यटन स्थलों की सैर कराता है इनमें सामान्यतः ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल होते हैं लेकिन इस बार  उसने पर्यटन स्थलों की सैर के साथ भारत की एक हस्ती को जोड़ा है, IRCTC ने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए उनसे जुड़े हुए देश के महत्वपूर्ण स्थलों की सैर कराने का टूर प्रोग्राम बनाया है।

इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने बाबा साहब से जुड़े स्थलों तक पर्यटकों को ले जाने के स्पेशल टूर पैकेज बनाया है, इस टूर को “बाबा साहब अंबेडकर यात्रा” (IRCTC Baba Saheb Ambedkar Yatra)नाम दिया गया है। इस टूर पर जाने वाले यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन लेकर जायेगी, यात्रा अप्रैल में शुरू होगी।

बाबा साहब के जन्मदिन पर चलेगी स्पेशल ट्रेन 

आईआरसीटीसी द्वारा जारी टूर शेड्यूल के मुताबिक 14 अप्रैल को  बाबा साहब के जन्मदिन पर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन दिल्ली रेलवे स्टेशन से जाएगी, टूर के लिए दिल्ली सफदरजंग, मथुरा और आगरा को बोर्डिंग और डी बोर्डिंग रेलवे स्टेशन बनाया गया है।

ये डेस्टिनेशन होंगी इस टूर में कवर 

बाबा साहब अंबेडकर यात्रा पर ले जारी ट्रेन दिल्ली से चलकर महू (अंबेडकर जी का जन्म स्थान) पहुंचेगी, यहाँ से नागपुर, साँची, वाराणसी, सारनाथ, बोधगया,  राजगिर और नालन्दा डेस्टिनेशन कवर कर वापस दिल्ली लौट आयेगी। ये पूरा टूर 7 रात 8 दिन का है।

इतना देना होगा किराया 

बाबा साहब अंबेडकर यात्रा के लिए IRCTC ने किराया भी घोषित किया है यदि आप दो लोग या तीन वयस्क लोग एक साथ यात्रा करते है तो आपको प्रति व्यक्ति 21,650/- रुपये देने होंगे लेकिन यदि आप अकेले ही यात्रा पर जा रहे हैं तो आपको 29,440/- रुपये टिकट के लिए खर्च करने होंगे। बच्चो का किराया अलग से लगेगा ।

देश का बुद्धिस्ट हेरिटेज देखने का मौका 

इस टूर में यात्रियों को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर से जुड़े स्थानों को देखने का मौका मिलेगा साथ ही देश के बुद्धिस्ट हेरिटेज को भी वो नजदीक से देख पाएंगे। यदि आप संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो इस टूर क हिस्सा अवश्य बनिए, IRCTC की अधिकारिक वेबसाईट पर जाइये और अपनी सीट रिजर्व कराइए।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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