नई दिल्ली। कितनी बार आपने अपनी प्यास पर काबू किया होगा, अक्सर होता है कि हम किसी काम में उलझे होते हैं और प्यास लगने पर तब तक पानी पीने की इच्छा टालते रहते हैं जब तक गला बुरी तरह सूख न जाए। कई बार घर से बाहर होने पर महिलाएं इस आशंका से भी पानी नहीं पीती कि उन्हें साफ और सुविधाजनक शौचालय मिल पाएंगे या नहीं। लेकिन इस तरह लंबे समय तक पानी न पीने से हम अपना ही नुकसान करते है और डिहाइड्रेशन सहित कई बीमारियों को न्योता दे देते हैं। 

इस बात की गंभीरता को समझते हुए केरल में अब एक अनोखी पहल की जा रही है। यहां सरकारी स्कूलों में बच्चों  इसके तहत बच्चों को पानी पिलाने के लिए वॉटर ब्रेक दिया जा रहा है। इसे प्रॉपर तरीके से अंजाम देने के लिए दिन में तीन बार घंटी भी बजाई जा रही है जिसे वॉटर बेल का नाम दिया गया है। बच्चे अक्सर समझ नहीं पाते हैं कि उन्हें प्यास महसूस हो रही है या नहीं, कई बार वो पढ़ाई के दबाव में पानी पीना टाल जाते हैं, इसीलिए निश्चित अंतराल में वो पानी पीये और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, यही सिखाने और समझाने के लिए ये अनूठी पहल की गई है। वॉटर बेल बजने पर सभी बच्चों को पानी पीना होता है। पहली घंटी सुबह 10.35 पर बजती है, दूसरी घंटी दोपहर 12 बजे और तीसरी घंटी 2 बजे बजाई जाती है। यह ब्रेक 15 से 20 मिनट का होता है। केरल सरकार की इन अनोखी पहल को अब अब तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार भी अपनाने जा रही है।