जानिए आखिर क्यों नहीं जलाया गया यहां कुंभकर्ण का पुतला, दिया संदेश

कुंभकरण का पुतला गायब था लेकिन एक अनोखा मैसेज रावण के पुतले पर ही लिखा हुआ था।

कुंभकर्ण

बरेली डेस्क रिपोर्ट। इस बार दशहरे पर उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh 2021) के बरेली जिले में एक अनूठा नवाचार हुआ। यहां पर केवल रावण और मेघनाथ के पुतले जलाए गए। कुंभकर्ण का पुतला जलाने के बजाय कोरोना से बचाव का एक अनूठा संदेश दिया गया।बरेली जिले के जोगी नवादा में पुतला दहन कार्यक्रम में पहुंचे लोग उस समय आश्चर्यचकित रह गए जब उन्हें केवल रावण और उनके पुत्र मेघनाथ के पुतले दिखाई दिए।

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कुंभकरण का पुतला गायब था लेकिन एक अनोखा मैसेज रावण के पुतले पर ही लिखा हुआ था। लिखा था “लापरवाही के चलते मेरे भाई कुंभकर्ण ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई जिसके कारण वह कोरोना से मारा गया। इसीलिए आप भी वैक्सीन लगवाए और सुरक्षित रहे।” कोरोना (Corona) के प्रति जन जागृति का यह अनूठा संदेश लोगों के दिलों दिमाग पर जरूर असर किया होगा। इस छोटे से कस्बे में लोगों को यह भी संदेश दिया गया कि कोरोना का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। सुरक्षा की जरूरत है। इसीलिए मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन लगवाना ही कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय है।

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लोगों के बीच आयोजकों का यह अनूठा नवाचार चर्चा का विषय रहा। दरअसल समाज में जन जागृति के लिए सरकार ने बहुत से प्रयास करती हैं। लेकिन ऐसे प्रयास, जो लोगों के दिलों को छू जाएं और उनको उन्हें अपनाने पर मजबूर कर दें, यह एक ऐसा ही प्रयास था और आयोजकों के साथ-साथ दशानन के दहन कार्यक्रम में आए लोगों का भी यही मानना था कि वह जरूर वैक्सीन लगाएंगे और कोरोना को हराकर ही दम लेंगे।