महाराष्ट्र के निजी अस्पताल ने लगाया डॉक्टरी पेशे पर कलंक, भ्रूणों की 11 खोपड़ी और 54 हड्डियां बरामद

निजी अस्पताल में गर्भपात के मामले की जांच करने गई पुलिस भी इस जघन्य अपराध को देखकर अचंभित। जब भ्रुणों की खोपड़ी और हड्डियां जांच के दौरान पुलिस के हाथ लगी।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। वैसे तो डॉक्टर को भगवान कहा जाता है और अस्पतालों को जीवन देने वाले स्थान। लेकिन महाराष्ट्र ( Maharashtra) में वर्धा जिले के निजी अस्पताल ने इन दोनों परिभाषाओं को बदलकर मानवता को शर्मसार किया है।  शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार को भ्रूणों की 11 खोपड़ी और 54 हड्डियां बरामद हुई है। इस जघन्य अपराध पर से पर्दा तब उठा जब अवैध गर्भपात के एक मामले की जांच करने स्थानी पुलिस अस्पताल पहुंची।

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जांच कर रही पुलिस को यहां मानव अवशेष खोपड़ी और  हड्डियों के रूप में मिले। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अरवी तहसील के कदम अस्पताल में अवैध गर्भपात को लेकर जांच पड़ताल की। परिसर में स्थित बायोगैस संयंत्र की तलाशी के दौरान उन्हें भ्रूणों की 11 खोपड़ी और 54 हड्डियां मिली हैं। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हड्डियों को फॉरेंसिक लैब में भेजा है।

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पुलिस के मुताबिक जांच सही दिशा में चल रही है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है की यह सिलसिला कब से चल रहा है और अब तक कितने मासूमों की जान इस तरह से अस्पताल प्रशासन ले चुका है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद भी काफी कुछ साफ हो जाएगा। वर्धा के अरवी थाने के निरीक्षक भानुदास पिडुरकर ने पूरे मामले पर बात करते हुए बताया कि इससे पहले पुलिस ने 13 वर्षीय लड़की का अवैध गर्भपात करने के आरोप में अस्पताल की एक डॉक्टर रेखा कदम और एक नर्स को हिरासत में लिया है।

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इंस्पेक्टर भानुदास पिडुरकर के मुताबिक नौ जनवरी को डॉक्टर और नर्स को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग लड़के के माता-पिता को भी गिरफ्तार किया गया था। जिससे कथित तौर पर संबंध के चलते लड़की गर्भवती हुई। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर 18 साल से कम उम्र की लड़की का गर्भपात कराने के बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया था। मामले में पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।