Haji Hussain Ansari : मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का निधन, CM ने जताया दुख, 2 दिन का राजकीय शोक

कोरोना संक्रमित होने के बाद 23 सितंबर को उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था। वहां आइसीयू में उनका इलाज चल रहा था। 72 वर्षीय हाजी हुसैन अंसारी कोरोना संक्रमण के अलावा डायबीटिज की समस्या से भी जूझ रहे थे।

haji-hussain-ansari

रांची, डेस्क रिपोर्ट।  झारखंड सरकार (Government of Jharkhand) में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और सह झामुमो के वरिष्ठ नेता हाजी हुसैन अंसारी (Haji Hussain Ansari) का निधन हो गया है। वे 73 साल थे और कोरोनो संक्रमित हो गए थे, शनिवार को रांची (Ranchi) के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पार्टी में शोक लहर है। सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने उनके निधन पर शोक जताया है और दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। वे मधुपुर विधानसभा सीट (Madhupur Assembly Seat) से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे।

मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के मंत्री हाजी हुसैन अंसारी  का शनिवार को अपराह्न 3.40 बजे रांची के मेदांता अस्पताल में उनका निधन हो गया। कोरोना संक्रमित (Corona infected) होने के बाद 23 सितंबर को उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था। वहां आइसीयू में उनका इलाज चल रहा था। 72 वर्षीय हाजी हुसैन अंसारी कोरोना संक्रमण के अलावा डायबीटिज की समस्या से भी जूझ रहे थे। वहीं, कोरोना का संक्रमण फेफड़े में पहुंच गया था। बताया जाता है कि वे ह्रदय रोग की समस्या से भी ग्रसित थे और उनकी सर्जरी भी हुई थी।हालांकि शुक्रवार को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव भी आई थी, जिससे लग रहा था वे शीघ्र पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

दो दिन का राजकीय शोक

झारखंड के सूचना निदेशक राजीव लोचन बख्शी ने शनिवार को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि मंत्री के असामयिक निधन के चलते राज्य सरकार ने रविवार से दो दिनों के लिए राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्य में सोमवार को अवकाश रहेगा और रविवार एवं सोमवार को सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इन दो दिनों में राज्य में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सरकारी आयोजन नहीं किया जायेगा।

2 अक्टूबर को लिखा था आखरी पोस्ट
हाजी हुसैन अंसारी ने अपने फेसबुक पेज पर दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर अपराह्न 1:42 बजे अंतिम पोस्ट लिखा था। कहा था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महापुरुषों को शत-शत नमन करता हूं।

राजनैतिक सफर

  • हाजी हुसैन अंसारी ने कांग्रेस के अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
    1990 के दशक से वे झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े। मूलरूप से देवघर के मधुपुर निवासी की पढ़ाई लिखाई देवघर से ही हुई थी।
  • वे 1995, 2000 और 2010 और 2019 में मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के टिकट पर झारखंड विधानसभा के लिए चुने गए और 2004 में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया।
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक हाजी हुसैन अंसारी झारखंड के हज कमेटी के चेयरमैन भी थे।
    राज्य में चार बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
  • पहली बार वर्ष 2009 में शिबू सोरेन की अगुवाई में गठित सरकार में छह महीने के लिए हाजी हुसैन अंसारी ग्रामीण विकास मंत्री बनाए गए थे।
  • इसके बाद झामुमो के समर्थन से जब भाजपा के नेतृत्व में अर्जुन मुंडा की सरकार बनी तो उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया था।
  • तीसरी बार चार अगस्त 2013 में कांग्रेस के समर्थन से हेमंत सोरेन नेतृत्व में गठित 13 महीना की सरकार में भी हाजी हुसैन अंसारी का अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ही बनाया था।
  • वर्ष 2020 में एक बार फिर से उन्हें मंत्री बनाया गया था।