National Education Day 2022 : शिक्षा के क्षेत्र में मौलाना आज़ाद का महत्वपूर्ण योगदान

भारत के पहले शिक्षा मंत्री की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day 2022) है। हर साल 11 नवंबर को देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (Maulana Abul Kalam Azad) की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 से लेकर 2 फरवरी 1958 तक शिक्षा मंत्री के रूप में काम किया। 1992 में मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।

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मौलाना आज़ाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था। उनका असली नाम ‘अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन’ था और ‘आज़ाद’ को उन्होने उपनाम के तौर पर अपनाया। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है और वे कई आंदोलनों में शामिल रहे। इसी के साथ वे एक बेहतरीन शायर भी थे और उन्होने धर्म और दर्शन पर ग्रंथ भी लिखे हैं। वे महात्मा गांधी के विचारों के समर्थक थे और पाकिस्तान के निर्माण का विरोध करने वाले वे सबसे प्रमुख मुस्लिम नेता भी थे। उन्होने हमेशा समाज में शिक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया और वे गरीबों व लड़कियों की शिक्षा के बड़े समर्थक थे। उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए साल 2008 से उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

मौलाना अबुल कलाम आजाद बहुत कम उम्र से ही पत्रकारिता में सक्रिय हो गए थे। केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्होने वयस्क साक्षरता (Adult Literacy) 14 साल तक के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा (Universal Primary Education) लड़कियों की शिक्षा (Girl Child education) के लिए काम किया। उनका कहना था कि राष्ट्र की समृद्धि और विकास के लिए शिक्षा सबसे अहम है। आज उनके जयंती पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें याद करते हुए कहा है कि ‘शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र और समाज उत्थान की जो ज्योत आपने प्रज्ज्वलित की है वो भावी पीढ़ियों का पथ आलोकित करती रहेगी।’