OROP : कर्मचारी-पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर, जल्द होगा एरियर का भुगतान, विभाग ने जारी किया दिशा-निर्देश, इन्हें होगी पात्रता, खाते में बढ़ेगी राशि

OROP को लेकर मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत संशोधित वन रैंक वन पेंशन का लाभ मिलेगा। इसकी सूची जारी की गई है। इसके अलावा LTA को लेकर भी नवीन दिशा-निर्देश जारी किए गए।

Employees Pensioners Arrears : कर्मचारी पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है दरअसल वन रैंक वन पेंशन के लागू होने के साथ ही अब इसका लाभ पेंशनर्स को मिलने वाला है। इस संशोधन के बाद पॉलिसी में कई तरह के नए बदलाव देखने को मिलेंगे।

इसके साथ ही कर्मचारियों पेंशनर्स के वेतन में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। दरअसल वन रैंक वन पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। 15 मार्च तक सभी बकाए के भुगतान के निर्देश दिए गए। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हा की पीठ द्वारा जो फैसला दिया गया है. इसमें कहा गया कि सशस्त्र बलों के पेंशनर्स को सभी बकाया राशि का भुगतान 15 मार्च तक किया जाए। इसके साथ ही इसमें अब कोई देरी नहीं दिखनी चाहिए।

सरकार के अतिरिक्त भार 8500 करोड़ रुपए

इससे पूर्व पूर्व सैनिकों के संघ द्वारा एक आवेदन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। जिनमें वन रैंक वन पेंशन के बकाए के भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण मांगे सामने रखी गई थी। इससे पूर्व 23 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन में संशोधन को मंजूरी दे दी गई थी। इसका लाभ पेंशन धारकों के साथ युद्ध में शहीद हुए जवानों की विधवाओं और दिव्यांग पेंशन धारकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा 25 लाख पेंशन भोगियों को इसका लाभ मिलेगा जबकि इस पर सरकार के अतिरिक्त भार 8500 करोड़ रुपए देखने को मिलेगा।

वन रैंक वन पेंशन को लेकर रक्षा मंत्रालय द्वारा आदेश जारी

वही वन रैंक वन पेंशन को लेकर रक्षा मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत की नई वन रैंक वन पेंशन का लाभ मिलेगा। इसकी सूची जारी की गई है, इसके अलावा लाइफटाइम एरियर भुगतान को लेकर भी नवीन दिशा-निर्देश जारी किए गए। साथ ही कई अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं जिसका पालन करना अनिवार्य होगा।

आदेश के मुताबिक मंत्रालय के पत्र संख्या 1(1)/2019/डी(पेन/पोल) दिनांक 04.01.2023 का संदर्भ देने का निदेश हुआ है, जिसमें सभी को 01.07.2019 से वन रैंक वन पेंशन स्कीम (OROP) के तहत पेंशन संशोधन को अधिसूचित किया गया है। पूर्व 01.07.2019 रक्षा बल पेंशनभोगी / पारिवारिक पेंशनभोगी। पत्र के पैरा 3 में प्रावधान है कि प्रत्येक रैंक और प्रत्येक श्रेणी के लिए संशोधित पेंशन का संकेत देने वाली तालिकाओं के साथ ओआरओपी के कार्यान्वयन से संबंधित विस्तृत निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

जारी निर्देश के तहत पेंशन/पारिवारिक पेंशन के संशोधन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ओआरओपी योजना के तहत पेंशन/पारिवारिक पेंशन की दरों को दर्शाने वाली कुल 121 सारणियां इस आदेश के साथ संलग्न हैं। सारणी में सेवानिवृत्त/सेवा/विशेष/विकलांगता/अमान्य/उदारीकृत विकलांगता/युद्ध क्षति पेंशन जिसमें विकलांगता/युद्ध चोट तत्व शामिल हैं और कमीशंड अधिकारियों, मानद कमीशन अधिकारियों, जेसीओ/ओआर और गैर के साधारण/विशेष/उदारीकृत परिवार पेंशन की संशोधित दरें दर्शाई गई हैं।

आजीवन बकाया (एलटीए) का भुगतान

यदि कोई पेंशनभोगी जिसे इस पत्र के प्रावधानों के तहत लाभ प्राप्त होता है, बकाया भुगतान प्राप्त करने से पहले मर जाता है/मृत्यु हो जाती है, तो पेंशन के आजीवन बकाया (एलटीए) का भुगतान निम्नलिखित तरीके से किया जाएगा।-

  • यदि दावाकर्ता पहले से ही पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहा है या वह पेंशनभोगी है जिसके पक्ष में पहले से ही पारिवारिक पेंशन अधिसूचित है और पुरस्कृत व्यक्ति किसी भी कारण से अपात्र हो गया है, तो इस पत्र के प्रावधानों के तहत एलटीए का भुगतान ऐसे व्यक्ति को किया जाना चाहिए।
  • यदि दावाकर्ता पहले ही मृतक के संबंध में एलटीए प्राप्त कर चुका है, जिसे लाभ प्राप्त होता, तो इस पत्र के प्रावधानों के तहत एलटीए का भुगतान ऐसे दावेदार को पीडीए द्वारा स्वयं ही किया जाना चाहिए।
  • यदि दावेदार 10(a) और amp में उल्लिखित व्यक्ति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति है; उपरोक्त 10(बी) के अनुसार, एलटीए का भुगतान मौजूदा सरकारी आदेशों के अनुसार उनके कानूनी रूप से किया जाएगा।

इस आदेश के तहत संशोधित पेंशन के अतिरिक्त निम्नलिखित तत्वों का भुगतान अलग-अलग तत्वों के रूप में किया जाता रहेगा:-

  1. वीरता पुरस्कारों से जुड़ा मौद्रिक भत्ता। परमवीर चक्र, अशोक चक्र आदि।
  2. लगातार उपस्थिति भत्ता, जहां स्वीकार्य हो।
  3. सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत मंहगाई राहत।

इन्हें होगी पात्रता

इस पत्र के प्रावधान उन सभी पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों पर लागू होंगे जो सेवा से सेवानिवृत्त/डिस्चार्ज/अमान्य हो गए हैं/सेवा में मारे गए हैं या कमीशंड अधिकारियों, मानद कमीशन अधिकारियों, जेसीओ/ओआर और गैर के पद पर सेवानिवृत्ति के बाद – सेना, नौसेना, वायु सेना, रक्षा सुरक्षा कोर, प्रादेशिक सेना और amp के योद्धा (नामांकित); पूर्व-राज्य बल और 01.07.2019 को पेंशन/पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

इन्हें नहीं होगी पात्रता

इस पत्र के प्रावधान, हालांकि, यूके/एचकेएसआरए/केसीआईओ पेंशनभोगियों, पाकिस्तान और बर्मा सेना के पेंशनभोगी, आरक्षित पेंशनभोगी और पूर्व-अनुदान भुगतान प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी और पूर्व-परिपक्व सेवानिवृत्ति/स्वयं के अनुरोध पर पिछले ओआरओपी संशोधन के बाद सेवानिवृत्त पेंशनभोगी (जैसा कि एमओडी पत्र दिनांक 07.11.2015 के पैरा 4 में प्रदान किया गया है) पर लागू नहीं होते हैं।

निर्देश

  • 01.07.2019 से पहले की अवधि के लिए पेंशन/पारिवारिक पेंशन के संशोधन के कारण कोई बकाया देय नहीं होगा।
  • इस पत्र के तहत पेंशन के संशोधन के परिणामस्वरूप उपार्जित पेंशन की संशोधित/अतिरिक्त राशि पर पेंशन लघु का कोई रूपान्तरण स्वीकार्य नहीं होगा। हालांकि, पेंशन की मौजूदा राशि, यदि कोई है, जिसे कम्यूट किया गया है, संशोधित पेंशन से कटौती जारी रहेगी।
  • इस पत्र के फलस्वरूप सेवानिवृत्ति/सेवामुक्ति/अमान्यता/मृत्यु के समय लागू नियमों के संदर्भ में पहले से निर्धारित एवं भुगतान की गई ग्रेच्युटी की राशि में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
  • नोटिस में आने वाले या वसूली की प्रक्रिया के तहत पेंशन के किसी भी अधिक भुगतान को पेंशन संवितरण एजेंसियों द्वारा इस आदेश के आधार पर पेंशन के पुनरीक्षण पर देय बकाया के खिलाफ पूर्ण रूप से समायोजित किया जाएगा।

इतना बढ़ेगा पेंशन

  • सिपाही को 1 जुलाई 2019 से जून 2022 तक के एरियर के रूप में ₹87 हजार प्राप्त होंगे।
  • नायक को ₹1 लाख  14 हजार एरियर के रूप में प्राप्त होंगे।
  • हवलदार को एरियर के रूप में ₹70 हजार मिलेंगे
  • जबकि नायब सूबेदार को एरियर के रूप में ₹1 लाख 8 हजार का लाभ मिलेगा
  • सब मेजर को एरियर के रूप में ₹1 लाख 75 हजार जबकि
  • मेजर को ₹3लाख 5 हजार मिलेंगे
  • लेफ्टिनेंट कॉलोनल को ₹4 लाख 55 हजार जबकि
  • कॉलोनल को ₹4 लाख 42 हजार का लाभ होगा
  • ब्रिगेडियर को ₹5 लाख 5 हजार जबकि
  • मेजर जनरल को ₹3 लाख 90 हजार प्राप्त होंगे।
  • लेफ्टिनेंट जनरल को एरियर के रूप में ₹4 लाख 32 हजार मिलेंगे।

OROP का लाभ

दरअसल पेंशन भोगियों द्वारा वन रैंक वन पेंशन में संशोधन की मांग एक लंबे समय से की जा रही थी। इस पेंशन नियम में पेंशन भोगियों की पेंशन सेवा अवधि के साथ उसी रैंक में कैलेंडर वर्ष 2018 के रक्षा बल सेवानिवृत्त की न्यूनतम और अधिकतम पेंशन के औसत के आधार पर तय की जाती है। इसके साथ ही शुरू से सेवानिवृत्त हुए सामान रैंक वालों को भी पेंशन समान रूप से दिया जाएगा। इतना ही नहीं कट ऑफ डेट की बात करें तो सशस्त्र बल और पारिवारिक पेंशनर्स के पेंशन 1 जुलाई 2019 से संशोधित किए गए हैं।