सरकारी पेंशन योजनाओं में लोग कर रहे हैं निवेश, 6 करोड़ के पार पहुंची पंजीकरण कराने वालों की संख्या

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी डाटा के मुताबिक एनपीएस और एपीवाई के तहत आने वाले एसेट्स अंडर मैनेजनेंट (AUM) सालाना आधार पर 23.45 प्रतिशत बढ़कर 8.82 लाख करोड़ रुपये (04 मार्च 2023) हो चुका है।

Government Pension Schemes : देश में अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana- APY) और नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme-NPS) जैसी सरकारी पेंशन योजनाएं तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दोनों योजनाओं में पंजीकरण कराने वाले लोगों की संख्या 23 प्रतिशत बढ़कर 6.24 करोड़ रुपये हो गई है। 31 मार्च, 2022 तक ये संख्या 5.20 करोड़ थी

सरकारी पेंशन योजनाओं में लोग कर रहे हैं निवेश, 6 करोड़ के पार पहुंची पंजीकरण कराने वालों की संख्या

सरकार ने बताया कि अटल पेंशन योजना में पंजीकरण कराने वालों की संख्या में 28 प्रतिशत या एक करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। पिछले कुछ समय में देखा गया है कि लोग पेंशन के प्रति जागरूक हुए हैं, जिस कारण APY और NPS जैसी योजनाओं में अधिक पंजीकरण करा रहे हैं।

तेजी से बढ़ रहा AUM

इसके साथ एनपीएस और एपीवाई के तहत आने वाले एसेट्स अंडर मैनेजनेंट (AUM) भी सालाना आधार पर 23.45 प्रतिशत बढ़कर 8.82 लाख करोड़ रुपये (04 मार्च, 2023) हो चुका है।

APY और NPS में पंजीकरण कराने वालों की संख्या

वर्तमान में कुल 6.24 करोड़ ग्राहकों में से 23.86 लाख और 60.72 लाख  केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी हैं। कॉर्पोरेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 16.63 लाख हैं। 4 मार्च, 2023 तक APY ग्राहकों की संख्या 28.4 प्रतिशत बढ़कर 4.53 करोड़ हो गई।

बता दें, केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के लोगों को ध्यान में रखकर पेंशन मुहैया कराने के उद्देश्य से एक जून, 2015 को एपीवाई की शुरुआत की थी। इस योजना के सदस्यों को 60 वर्ष की आयु के बाद योगदान के आधार पर 1000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की पेंशन दी जाती है। हालांकि, एक अक्टूबर, 2022 के बाद एपीवाई में केवल वहीं लोग आवेदन कर सकते हैं, जो आयकर नहीं देते हैं। वहीं, एनपीएस संगठित क्षेत्र के लोगों के लिए है। इसमें आम लोग भी पंजीकरण करा सकते हैं।

पेंशन की योजना वृद्धावस्‍था के दौरान उस समय वित्तीय सुरक्षा और स्‍थायित्‍व दिया जाता है, जब लोगों के पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता है। सेवा निवृत्ति योजना द्वारा सुनिश्चित किया जाता है कि लोगों के पास प्रतिष्‍ठापूर्ण जीवन जीने और अपनी उम्र के बढ़ते वर्षों में अपना जीवन स्‍तर किसी समझौते के बिना अच्‍छा बनाए रखने की सुविधा हो। पेंशन योजना से लोगों को निवेश करने और अपनी बचत संचित करने का अवसर मिलता है जो सेवा निवृत्ति के समय वार्षिक योजना के रूप में एक नियमित आय के तौर पर उन्‍हें एक मुफ्त राशि दे सके।

संयुक्‍त राष्‍ट्र जनसंख्‍या प्रभाग के अनुसार भारत में जीवन प्रत्‍याशा वर्तमान 65 वर्ष से बढ़कर 2050 तक 75 वर्ष पहुंच जाने की आशा है। देश में बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता परिस्थितियों से जीवन अवधि बढ़ गई है। इसके परिणाम स्‍वरूप सेवा निवृत्ति के पश्‍चात के वर्षों की संख्‍या भी बढ़ गई है। इस प्रकार जीवन की बढ़ती लागत, स्‍फीति और जीवन प्रत्‍याशा ने सेवा निवृत्ति की योजना को आज के जीवन का अनिवार्य हिस्‍सा बना दिया है। अधिक से अधिक नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली आरंभ की है।